"इसरो के पास कोई जीप या कार नहीं थी। सिर्फ एक बस थी। वह भी शिफ्ट के हिसाब से चलती थी। जब अब्दुल कलाम PSLV-3 बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब मुझे नहीं लगता है कि इतना बजट था जितने की माँग की जा रही थी।"
इसरो प्रमुख ने कहा, "यदि हम इस ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व और हमारी यात्रा का अर्थ खोजने का प्रयास करें, तो पता चलता है कि यह हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है।"
पीएम मोदी ने कहा, "मैं 23 अगस्त के उस दिन का हर पल अपनी आँखों के सामने देख सकता हूँ। मैं आपके समर्पण को सलाम करता हूँ। मैं आपके धैर्य को सलाम करता हूँ। आपकी कड़ी मेहनत को सलाम करता हूँ। मैं आपकी प्रेरणा को सलाम करता हूँ।"
लैंडिंग के करीब ढाई घंटे बाद लैंडर विक्रम से रोवर प्रज्ञान बाहर निकला और चंद्रमा पर सैर शुरू की। अब अगले 14 दिनों तक यह चंद्रमा की पानी-मिट्टी की जानकारी जुटाएगा।
के सिवन ने कहा, "चंद्रयान 3 सिर्फ भारत के लिए ही नहीं है, दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके द्वारा प्राप्त डेटा का विश्लेषण करेंगे। ये वैश्विक हित के लिए है।"