विज्ञान और प्रौद्योगिकी

जानें क्या है ‘लैग्रेंज प्वाइंट’, जहाँ रह कर सूर्य का अध्ययन करेगा आदित्य एल-1: 5 साल तक सूरज पर रखेगा नज़र, भेजेगा तस्वीरें और...

सूर्य का अध्ययन करने के लिए इसरो आदित्य एल-1 स्पेसक्राफ्ट सितंबर 2023 के पहले सप्ताह में लॉन्च करेगा। तारीखों की घोषणा जल्दी होगी।

‘बाहरी दुनिया के लिए विज्ञान, आंतरिक आत्मा के लिए मंदिर’: ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के बाद माँ भद्रकाली के दरबार में ISRO प्रमुख,...

इसरो प्रमुख ने कहा, "यदि हम इस ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व और हमारी यात्रा का अर्थ खोजने का प्रयास करें, तो पता चलता है कि यह हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है।"

चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 12 मीटर टहल आया ‘प्रज्ञान’: ISRO के पास अब आने लगेगा डेटा, पेलोड में गए मशीनों ने भी शुरू...

पीएम मोदी ने कहा, "मैं 23 अगस्त के उस दिन का हर पल अपनी आँखों के सामने देख सकता हूँ। मैं आपके समर्पण को सलाम करता हूँ। मैं आपके धैर्य को सलाम करता हूँ। आपकी कड़ी मेहनत को सलाम करता हूँ। मैं आपकी प्रेरणा को सलाम करता हूँ।"

शिवशक्ति प्वाइंट: चंद्रयान 3 के उतरने वाली जगह का नाम… चंद्रयान 2 ने भी जहाँ छोड़े निशान, वो कहलाएगा ‘तिरंगा’ – इसरो में PM...

पीएम मोदी ने चंद्रयान 2 के क्रैश लैंडिंग को भी याद किया। उन्होंने चंद्रयान 2 और चंद्रयान 3 के लैंडिंग प्वॉइंट का नामकरण भी किया।

मोदी सरकार ने दिए ₹12543 करोड़, 389 विदेशी सैटेलाइट लॉन्च कर ₹3300 करोड़ कमाए भी: जानिए UPA जमाने के मुकाबले कैसे अंतरिक्ष पर बदला...

भारत सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में पिछले 9 वर्षों में बजट को दोगुना कर दिया है। वहीं, विदेशी उपग्रहों की लॉन्चिंग से ₹3,300 करोड़ की कमाई हुई।

‘आदिपुरुष’ से भी कम पैसे में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुँचा है भारत: लैंडर विक्रम से अलग होकर सैर कर रहा रोवर प्रज्ञान,...

लैंडिंग के करीब ढाई घंटे बाद लैंडर विक्रम से रोवर प्रज्ञान बाहर निकला और चंद्रमा पर सैर शुरू की। अब अगले 14 दिनों तक यह चंद्रमा की पानी-मिट्टी की जानकारी जुटाएगा।

K सिवन के वो आँसू, PM मोदी द्वारा सांत्वना और इंतजार का फल… ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग पर बोले पूर्व ISRO प्रमुख –...

के सिवन ने कहा, "चंद्रयान 3 सिर्फ भारत के लिए ही नहीं है, दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके द्वारा प्राप्त डेटा का विश्लेषण करेंगे। ये वैश्विक हित के लिए है।"

चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करना इतना कठिन क्यों? – ‘चंद्रयान 3’ ने वो किया जो आज तक कोई देश नहीं कर पाया,...

आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि आखिर चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करना इतना कठिन क्यों है? आइए, आपकी शंकाओं का समाधान करते हैं।

चाँद के बाद अब सूर्य की बारी: ‘चंद्रयान 3’ की सफल लैंडिंग के जश्न में दक्षिण अफ्रीका से शामिल हुए PM मोदी, कहा –...

"हमने भविष्य के लिए कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। जल्द ही सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो आदित्य एल-1 मिशन लॉन्च करने जा रहा है।"

चंद्रयान-3 के पीछे आधी आबादी का पूरा दम, 54 महिला इंजीनियर और वैज्ञानिक संग रितु कारिधाल के कंधों पर रही थी लॉन्चिंग की जिम्मेदारी

चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 मिशन में बड़ी तादाद में महिलाएँ शामिल हैं। चंद्रयान-2 मिशन में महज दो महिलाएँ ही थीं, जबकि इसमें 54 हैं।

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