Friday, May 14, 2021
Home विविध विषय विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत में मिला कोरोना का नया AP स्ट्रेन, 15 गुना ज्यादा 'घातक': 3-4 दिन...

भारत में मिला कोरोना का नया AP स्ट्रेन, 15 गुना ज्यादा ‘घातक’: 3-4 दिन में सीरियस हो रहे मरीज

"सबसे खास बात, यह किसी को भी नहीं बख्श रहा है, जैसा कि हमने देखा है कि यह युवा आबादी को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है, जिसमें फिटनेस पर बहुत ध्यान देने और उच्च इम्युनिटी स्तर वाले भी शामिल हैं। यह भी देखा गया है कि लोगों के शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म तेजी से हो रहे हैं और कुछ में इलाज का असर हो रहा है और कुछ में नहीं।''

कोरोना के लगातार रूप बदलने की खबरों के बीच दक्षिण भारत में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट सामने आया है। सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने N440K वैरिएंट की खोज की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना का नया वैरिएंट (N440K) 15 गुना तक ज्यादा संक्रामक है और इसकी वजह से लोग 3-4 दिन में ही गंभीर स्थिति में पहुँच जा रहे हैं।

कोरोना के इस नए वैरिएंट को एपी स्ट्रेन (AP Strain) कहा जा रहा है और माना जा रहा है कि विशाखापत्तनम समेत आंध्र प्रदेश के अन्य हिस्सों में कोरोना की रफ्तार बढ़ने के लिए यही स्ट्रेन जिम्मेदार हो सकता है। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि यह नया संस्करण, जिसे एपी स्ट्रेन कहा जा रहा है, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल के पीछे यही है।

15 गुना अधिक संक्रामक हैं कोरोना का नया एपी स्ट्रेन

सबसे पहले कुरनूल में खोजा गया यह स्ट्रेन, पहले के वैरिएंट्स की तुलना में कम से कम 15 गुना अधिक संक्रामक माना जा रहा है, और यह भारतीय वैरिएंट B -1.617 और B 1.618 से भी अधिक ताकतवर हो सकता है।

जिला अधिकारी वी विनय चंद, ने स्वास्थ्य विभाग के सीनियर डॉक्टरों से मिले अपडेट के आधार पर कहा, ”हमें अभी ये पता लगाना बाकी है, अभी कौन सा स्ट्रेन प्रसार में है, क्योंकि नमूनों को विश्लेषण के लिए सीसीएमबी भेजा गया है। लेकिन एक बात तय है कि अभी एक वैरिएंट जो विशाखापत्तनम में सर्कुलेशन में है वह पिछले साल पहली लहर के दौरान देखे गए वैरिएंट से एकदम अलग है।”

जिला कोविड स्पेशल ऑफिसर पीवी सुधाकर ने कहा कि उन्होंने पाया कि नए संस्करण में इंक्यूबिशन पीरियड (लक्षण प्रकट होने की अवधि) कम है और रोग फैलने की गति बहुत तेज है। पहले के मामलों में, कोविड -19 से प्रभावित एक मरीज को हाइपोक्सिया (शरीर में ऑक्सीजन की कमी) या डिस्पेनिया (साँस लेने में तकलीफ) स्टेज तक पहुँचने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगता था, लेकिन अब मरीज तीन या चार दिनों के भीतर गंभीर स्थिति में पहुँच रहे हैं। सुधाकर ने कहा कि इसकी वजह से ऑक्सीजन वाले आईसीयू बेड की माँग बढ़ने से अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ा है।

पहली लहर के उलट थोड़ा सा संपर्क भी इस वायरस से संक्रमित होने के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बाद यह बहुत ही कम समय में चार से पाँच लोगों को संक्रमित कर सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि यह वैरिएंट बहुत ही अप्रत्याशित है। डॉ. सुधाकर ने कहा, “सबसे खास बात, यह किसी को भी नहीं बख्श रहा है, जैसा कि हमने देखा है कि यह युवा आबादी को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रहा है, जिसमें फिटनेस पर बहुत ध्यान देने और उच्च इम्युनिटी स्तर वाले भी शामिल हैं। यह भी देखा गया है कि लोगों के शरीर में साइटोकाइन स्टॉर्म (जब शरीर केवल वायरस से लड़ने के बजाय अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करता है) तेजी से हो रहे हैं, और कुछ में इलाज का असर हो रहा है और कुछ में नहीं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फ्री वैक्सीनेशन के लिए दिए ₹50 करोड़, पर महज तीन महीने में विज्ञापनों पर खर्च कर डाले ₹150 करोड़

दिल्ली में कोरोना के फ्री वैक्सीनेशन के लिए केजरीवाल सरकार ने दिए 50 करोड़ रुपए, पर प्रचार पर खर्च किए 150 करोड़ रुपए

महाराष्ट्र: 1814 अस्पतालों का ऑडिट, हर जगह ऑक्सीजन सेफ्टी भगवान भरोसे, ट्रांसफॉर्मर के पास स्टोर किए जा रहे सिलेंडर

नासिक के अस्पताल में हादसे के बाद महाराष्ट्र के अस्पतालों में ऑडिट के निर्देश तो दे दिए गए, लेकिन लगता नहीं कि इससे अस्पतालों ने कुछ सीखा है।

हनुमान भक्ति से सरप्लस ऑक्सीजन… लेकिन विज्ञापन में फोटो सिर्फ सीएम साहब की: मंत्री जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

"जनता तो कुछ भी मान लेती है। जनता तो यह भी मान लेती है कि हल्ला क्लिनिक विश्व स्तरीय है। अमेरिकी सरकार उसकी नक़ल करके..."

नीति आयोग ने की योगी सरकार की ‘Test-Trace-Treat मॉडल की तारीफ, बताया कोविड के खिलाफ जंग में ‘बेहद प्रभावशाली’

नीति आयोग ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की कोविड के खिलाफ जंग के लिए अपनाई गई 'Test-Trace-Treat मॉडल की तारीफ

‘क्या प्रजातंत्र में वोट की सजा मौत है’: असम में बंगाल के गवर्नर को देख फूट-फूट रोए पीड़ित, पाँव से लिपट महिलाओं ने सुनाई...

बंगाल के गवर्नर हिंसा पीड़ितों का हाल जानने में जुटे हैं। इसी क्रम में उन्होंने असम के राहत शिविरों का दौरा किया।

गाजा पर गिराए 1000 बम, 160 विमानों ने 150 टारगेट पर दागे 450 मिसाइल: बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

फलस्तीन के साथ हवाई संघर्ष के बीच इजरायल जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों की तैनाती।

प्रचलित ख़बरें

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

1600 रॉकेट-600 टारगेट: हमास का युद्ध विराम प्रस्ताव ठुकरा बोला इजरायल- अब तक जो न किया वो करेंगे

संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे जा चुके हैं। जवाब में गाजा में उसने करीब 600 ठिकानों को निशाना बनाया है।

‘मर जाओ थंडर वुमन’… इजराइल के समर्थन पर गैल गैडोट पर टूटे कट्टरपंथी, ‘शाहीन बाग की दादी’ के लिए कभी चढ़ाया था सिर पर

इजराइल-हमास और फिलिस्तीनी इस्लामी जिहादियों में जारी लड़ाई के बीच हॉलीवुड में "थंडर वुमन" के नाम से जानी जाने वाली अभिनेत्री गैल गैडोट पर...

फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाने का 14 मंजिला बिल्डिंग तबाह, ईद से पहले इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा – ‘पूरी तरह शांत कर देंगे’

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “ये केवल शुरुआत है। हम उन्हें ऐसे मारेंगे, जैसा उन्होंने सपने में भी न सोचा हो।”

इजरायल पर हमास के जिहादी हमले के बीच भारतीय ‘लिबरल’ फिलिस्तीन के समर्थन में कूदे, ट्विटर पर छिड़ा ‘युद्ध’

अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।

‘बददिमाग, कुंठित…’: जिस ट्विटर पर सस्पेंड वहीं ट्रेंड कर रहीं कंगना, इजरायल के समर्थन पर भड़के कट्टरपंथी

इजरायल का समर्थन करने के कारण कंगना रनौत को इंस्टाग्राम पर ब्लॉक करने का अभियान चला रहे कट्टरपंथी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,361FansLike
93,776FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe