समारोह से घर लौट रहे कॉन्ग्रेस नेताओं की कार पर ग्रामीणों ने लाठी, पत्थरों से हमला कर दिया। इसके बाद कार में बैठे तीनों नेताओं को बाहर निकाला और उनकी पिटाई शुरू कर दी।
महिला के मुताबिक ससुरालवाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पति ने रिक्शा खरीदने के लिए 40 हजार रुपए दहेज में लाने को कहा था। पैसा नहीं मिलने पर पति ने जान से मारने की धमकी दी और तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया।
जवाबी पत्र में 61 हस्तियों ने कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री को खत लिखने वाले 49 लोगों से पूछा है कि वे तब क्यों चुप रहते हैं जब जय श्रीराम कहने पर लोगों को जेल में डाल दिया जाता है? जब कैराना से हिंदू पलायन करते हैं?
इरा ने कहा कि गोमांस कुपोषित लोगों के लिए प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए गोमांस पर प्रतिबंध लगाना अनुचित होगा, विशेष तौर पर मुस्लिम समुदाय के लिए। इरा के इन बयानों को लेकर कई लोग हैरत में पड़ गए। कुछ ने इरा को 'हिंदूफोबिक' कहा, तो कुछ ने दूरदर्शन से उनके एक कार्यक्रम के लिए होस्ट के रूप में चुनने को लेकर भी सवाल किया है।
जिला प्रशासन का यह फैसला उस समय आया है जब कुछ दक्षिण पंथी समूहों द्वारा सड़कों पर मुस्लिमों के नमाज पढ़े जाने के विरोध में आरती और हनुमान चालीसा से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाने लगा।
मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी का कहना कि वर्तमान सरकार ने ट्रिपल तलाक़ बिल को लाकर अपनी नीयत साफ़ कर दी है जिससे यह पता चलता है कि वो तीन तलाक़ पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मामले में नवीन के चाचा कुंदन की शिकायत पर तीन महिलाओं समेत 7 नामजद पर केस दर्ज किया था। जिसमें अख्तर, जैकम, साजिद को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आरोपित सरजीना, मकसूदन, रुकसार, शेकुल अभी फरार है।
अपने मनसूबों को विफल होता देख तस्करों ने सुरक्षाबलों पर घातक हमला भी किया। लेकिन फिर भी जवानों ने हार नहीं मानी और सीमा पार होने वाली अवैध तस्करी को नाकाम कर दिया।
अभी तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता इंसाफ़ के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके मामले को दहेज प्रताड़ना में दर्ज किया गया है जबकि कार्रवाई तीन तलाक पर होनी चाहिए।