इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नल मेंटनेंस करने वाले अधिकारी ने नियम के तहत काम किया। उसने मेंटनेंस करने से पहले और उसके बाद क्रमशः डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन मेमो स्टेशन मास्टर को सौंपा था।
सीजेआई को जब पता चला कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सरेंडर की बात कहे जाने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट आया है तो उन्होंने इस पर नजर बनाए रखी...।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राशिद खान नाम के एक युवक पर 28 वर्षीया हिन्दू लड़की को 9 साल तक परेशान करने और बाद में धर्मान्तरण का दबाव बनाने का आरोप लगा है।