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घर वापसी कर शबाना बनी ‘रजनी’, हिंदू युवक संग मंदिर में लिए 7 फेरे: घरवालों के दबाव के आगे नहीं झुका प्रेमी जोड़ा

शबाना महोबा की रहने वाली है। वहीं बबलू कौशांबी का रहने वाला है। करीब 4 साल पहले दोनों प्रयागराज के एक ईंट भट्ठे में काम करते थे।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में शबाना ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से मंदिर में शादी कर ली। शबाना हिंदू धर्म अपनाकर रजनी बन गई और उसने बबलू को अपना जीवन साथी बनाया है। दोनों के बीच बीते 4 साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 6 माह पहले दोनों के घर वालों को इसकी जानकारी हुई तो वे दबाव डालने लगे। लेकिन बबलू और शबाना एक दूसरे से शादी करने की बात पर अड़े रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला कौशांबी जिले के करारी कोतवाली थाना क्षेत्र के अलावपुर गाँव का है। शबाना महोबा की रहने वाली है। वहीं बबलू कौशांबी का रहने वाला है। करीब 4 साल पहले दोनों प्रयागराज के एक ईंट भट्ठे में काम करते थे। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया। 

हालाँकि 6 महीने पहले शबाना और बबलू के घरवालों को उनके इस रिश्ते के बारे में पता चल गया। इसके बाद परिजन दोनों पर दबाव बनाने लगे। लेकिन शबाना ने अपने घरवालों के सामने बबलू से शादी करने की बात पर अड़ी रही। उसका बब्लू से मिलना जुलना बंद कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर बबलू भी शबाना से शादी करने की बात लगातार कहता रहा। इसी बीच एक दिन बबलू महोबा जाकर शबाना को उसके घर से लेकर अपने गाँव अलावपुर आ गया। 

इसकी जानकारी होने पर शबाना के घर वाले भी अलावपुर पहुँच गए। हालाँकि, शबाना ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। साथ ही उसने बबलू से शादी करने की ही बात कही। चूँकि शबाना मुस्लिम थी इसलिए इस शादी में महजबी दीवार सामने आ रही थी। ऐसे में शबाना ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम रजनी कर लिया। फिर मंदिर जाकर बबलू के साथ  7 फेरे लेकर उससे शादी कर ली। 

यूपी तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस शादी में शबाना के भाई-भाभी भी शामिल हुए। शादी के बाद वह वापस महोबा लौट गए। वहीं, शबाना से रजनी बनी युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से घर वापसी कर बबलू से शादी की है। वह और बबलू 4 साल से एक दूसरे से प्यार करते हैं। उसकी शादी से उसके माँ-बाप भी खुश हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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