वामपंथी प्रोपगैंडा पोर्टल द वायर पर छपे लेख में प्रोफ़ेसर पार्थो सारथी रे का दावा है कि श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बना पूजा पंडाल सही नहीं है। जिसके बाद वायर के आर्थिक बहिष्कार की अपील हो रही है।
भारत और हिन्दुओं के खिलाफ पाकिस्तानी खिलाड़ी ज़हर उगलते रहें और भारतीय उनके सामने झुक कर सलाम ठोकते रहें? यही चाहता है लिबरल गिरोह? 3 शब्द से इतनी दिक्कत कि भारतीयों का खून बहाने वाले से माँग रहे हैं माफ़ी।
सागर मलिक ने 'न्यूज़क्लिक' समर्थक झुण्ड में अकेले घुस कर पूछा कि चीन से पैसा क्यों लिया? उधर अभिजीत मजूमदार के पीछे तमिलनाडु पुलिस पड़ी है। उनके लिए किसी पत्रकार गिरोह ने आवाज़ उठाई?