बिहार के कुछ ऐसे नेता हैं, जिनकी लोकप्रियता सकारात्मक और नकारात्मक, या अन्य कारणों से व्यक्तिगत तौर पर उन निर्वाचन क्षेत्रों से ज्यादा मायने रखती है। उनके नतीजों पर एक नजर।
गोबिंदगंज सीट से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी और पत्रकार रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय अभी पीछे चल रहे हैं। वे इससे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन हार गए थे।
जम्मू कश्मीर की स्थानीय पार्टियों का भारत-विरोधी रुख तो जगजाहिर है, लेकिन अब कॉन्ग्रेस पार्टी भी फ़ारूक़ अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती जैसे नेताओं के सुर में सुर मिला रही है।