"जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे शरणार्थी शिविरों की बात क्यों नहीं कर रहे हैं। जो मानवाधिकार की बातें नहीं करते हैं वे ही सीएए के विरोध की बातें कर रहे हैं। शरणार्थी शिविरों को देखना अति कष्टदायी है। यह आँखों में आँसू ला देगा।"
आप ने घोषणा-पत्र में 5,000 नई बसें खरीदने का वादा किया था। लेकिन, उसके शासनकाल में डीटीसी की बसें घट गई। 900 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में 30,000 नए बेड जोड़ने में भी वह पिछड़ गई।
मामला 25 अगस्त 2015 का है। अहमदाबाद में एक रैली के दौरान भड़की हिंसा के बाद बसों, पुलिस चौकियों और अन्य सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया था। एक पुलिसकर्मी सहित करीब दर्जन भर लोग मारे गए थे।
कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी कहा है कि CAA लागू करने से राज्य इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया तो CAA क़ानून की किताब में क़ायम रहेगा। जो क़ानून की किताब में है उसे सभी को मानना होगा।
बुखारी ने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटने के बाद एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। इसका श्रेय उन्होंने राज्य की जनता और केंद्र सरकार को दिया है।
"खान तीन माह से पुलिस के रडार पर था। उसने पहले भी कुछ अधिकारियों को पत्र लिखे थे। इसमें दावा किया था कि उसकी मॉं और भाई के आतंकवादियों से संपर्क हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"
"ये वही कॉन्ग्रेस पार्टी है जिसने इमरजेंसी में अटल बिहारी वाजपेयी को कारावास में बंद किया। चौधरी चरण सिंह, जेपी को कारावास में बंद किया। मुंबई में स्मगलर करीम लाला को खुला छोड़ दिया।"
रामचंद्र गुहा को जवाब देने के बाद स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा कि आप राहुल गाँधी से नफरत करें या उनकी आलोचना करिए, लेकिन वह संघ के लिए एक चुनौती की तरह काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को हत्यारा तक बता डाला।
विधायक मुन्नालाल गोयल का कहना है कि पार्टी जिन वादों के सहारे सत्ता में आई उसे पूरा करने के लिए वे कई बार सीएम और मंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं। बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। मजबूरन, उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
"दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही सरकारी जमीनों पर बने धार्मिक स्थलों को सरकारी जमीन से खाली कराया जाएगा। दिल्ली में 54 से ज़्यादा मस्जिद, मदरसे सरकारी जमीन पर बने होने की सूचना है। सूची उपराज्यपाल को भेजकर..."