Homeराजनीतिराहुल गाँधी की 10 पुश्तें भी नहीं कर पाएँगी सावरकर के साहस की बराबरी:...

राहुल गाँधी की 10 पुश्तें भी नहीं कर पाएँगी सावरकर के साहस की बराबरी: स्मृति ईरानी

इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी वीर सावरकर को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जो लोग वीर सावरकर का विरोध करते हैं वे किसी भी विचारधारा या पार्टी से हों, उन्हें दो दिन के लिए अंडमान के सेल्यूलर जेल में भेज देना चाहिए।

वीर सावरकर पर सियासत फिर से गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस और उसके पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को जमकर लताड़ लगाई है। स्मृति ईरानी ने कहा है कि राहुल गाँधी की दस पुश्तें भी वीर सावरकर के साहस का मुकाबला नहीं कर पाएगी। राहुल गाँधी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि वे वो माफी नहीं माँगेंगे क्योंकि उनका नाम राहुल गाँधी है, राहुल सावरकर नहीं।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शनिवार को संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के समर्थन में BJP की जनसभा हुई। सभा को स्मृति ईरानी के अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी संबोधित किया।

स्मृति ईरानी ने कहा, “राहुल गॉंधी ने हाल में कहा था कि मैं माफी नहीं मॉंगूॅंगा। मैं राहुल सावरकर नहीं हूॅं। मैं आज उनसे कहना चाहती हूॅं कि आपके बाद की 10 पुश्तें भी सावरकर के हौसले का मुकाबला नहीं कर पाएँगी।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये वही कॉन्ग्रेस पार्टी है, जिन्होंने इमरजेंसी में अटल बिहारी वाजपेयी को कारावास में बंद किया। चौधरी चरण सिंह को कारावास में बंद किया, जेपी को कारावास में बंद किया और मुंबई में स्मगलर करीम लाला को खुला छोड़ दिया।

इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी वीर सावरकर को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जो लोग वीर सावरकर का विरोध करते हैं वे किसी भी विचारधारा या पार्टी से हों, उन्हें दो दिन के लिए अंडमान के सेल्यूलर जेल में भेज दो, जहाँ सावरकर को बंधक बनाया गया था। तब उन्हें उनके बलिदान और उनके योगदान का एहसास होगा। बता दें कि कॉन्ग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक दिन पहले ही यह बयान दिया था कि सावरकर के अंग्रेजों से माफी माँगने की बात मिटाई नहीं जा सकती है। ऐसे में अगर नरेंद्र मोदी सरकार सावरकर को भारत रत्न देती है तो पार्टी इसका विरोध करेगी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कैसी दोगलई है रवीश कुमार? CJP से लेकर ईरान-गाजा पर स्टूडियो में बैठकर चलाई जुबान, झारखंड पेपर लीक पर बोलना पड़ा तो कहा- हम...

रवीश कुमार अपना प्रोपेगेंडा चमकाने से बाज तो आएँगे नहीं, 1 हफ्ते बाद झारखंड पेपर लीक मुद्दे की याद आई, उसमें भी मोदी सरकार की गलती बता रहे।

अमेरिका की सैन्य ताकत का जवाब डेटा सेंटर पर हमला? समझिए मिडिल ईस्ट में ईरान की नई युद्ध रणनीति और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा...

AI डेटा सेंटर्स को निशाना बनाकर ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों की तकनीकी, आर्थिक तथा सैन्य ताकत को चुनौती देने की रणनीति अपना रहा है।
- विज्ञापन -