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साध्वी प्रज्ञा को धमकी देने वाले अब्दुल रहमान ने अफसरों से कहा था- आतंकियों के संपर्क में हैं माँ और भाई

पुलिस ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के आवास से तीन लिफाफे बरामद किए थे। कुछ लिफाफों में उर्दू में लिखे हुए पत्र थे। जाँच के दौरान मध्यप्रदेश एटीएस ने पाया कि नांदेड के धनगाँव इलाके के डॉक्टर अब्दुल रहमान ने संदिग्ध लिफाफे प्रज्ञा ठाकुर को भेजे थे।

मध्य प्रदेश के भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को धमकी भरा खत भेजने वाला शख्स गिरफ्तार हो गया है। उसकी पहचान 35 वर्षीय डॉक्टर सैयद अब्दुल रहमान खान के तौर पर हुई है। मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने उसे महाराष्ट्र के नांदेड जिले से पकड़ा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह 3 महीने से एटीएस की रडार पर था। उसने अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा था कि उसकी मॉं और भाई आतंकियों के संपर्क में हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपित अब्दुल रहमान खान ने भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अक्टूबर में कथित तौर पर संदिग्ध लिफाफा और धमकी भरा पत्र भेजा था। 13 जनवरी की रात इसे खोला गया और पुलिस को इसके बारे में जानकारी दी गई।

इस चिट्ठी के बारे में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, “एक भारी लिफाफा आया जिसमें एक पाउच था। मैंने अपने पीए से कहा कि ये पाउच है, इसे तत्काल फेंक दो। उसने फेंक भी दिया। लेकिन उसमें कुछ फोटो दिखे, जिसे देखने से स्पष्ट नजर आ रहा है कि पाउच के अंदर एक पत्र था। पत्र उर्दू में है लेकिन उसके साथ और भी कई पेपर्स लगे हुए हैं। उसमें मेरा एक फोटो है जिसे क्रॉस किया गया है।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह खत पढ़ने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें किसी ने कुछ लिफाफे और पत्र भेजे हैं, जिसमें जहरीला रसायनिक पदार्थ है। पाउडर के साथ उर्दू में लिखा हुआ जो खत मिला था, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रज्ञा ठाकुर के फोटो पर क्रॉस बना हुआ था। साध्वी के स्टाफ ने पत्र को संदिग्ध देखते हुए पुलिस को सूचना दी थी।

पुलिस ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के आवास से तीन लिफाफे बरामद किए थे। जिसमें से कुछ लिफाफों में उर्दू में लिखे हुए पत्र थे। नांदेड के इतवारा पुलिस थाने के निरीक्षक प्रदीप ककाडे ने बताया कि जाँच के दौरान मध्यप्रदेश एटीएस ने यह पाया कि यहाँ के धनगाँव इलाके के डॉक्टर सैयद अब्दुल रहमान खान ने यह संदिग्ध लिफाफे प्रज्ञा ठाकुर को भेजे हैं। डॉक्टर खान इस इलाके में अपना क्लीनिक चलाता है। प्रदीप ककाडे ने बताया, “पुलिस उसके मोबाइल फोन की लोकेशन के जरिए उस पर नजर रख रही थी। लेकिन वह मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ कर इन पत्रों को डालने औरंगाबाद, नागपुर और अन्य स्थानों पर जाता था।”

ककाडे ने बताया, “खान तीन माह से पुलिस के रडार पर था। उसने पहले भी कुछ अधिकारियों को पत्र लिखे थे। इसमें दावा किया था कि उसकी मॉं और भाई के आतंकवादियों से संपर्क हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।” पुलिस ने बताया कि ऐसे पत्र लिखने के लिए खान को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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