शेहला रशीद ने ट्विटर पर लिखा- "अल्लाह का शुक्र है कि नरेंद्र मोदी की कोई औलाद नहीं है। अगर उनके बच्चे होते तो उन्हें स्कूल में काफ़ी शर्मिंदा होना पड़ता।" ये पहली बार नहीं है जब शेहला रशीद ने पीएम मोदी को लेकर ऐसी टिप्पणी की हो।
दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख को चिकित्सा एवं संस्कृति मंत्रालय दिया गया। बाकी कॉन्ग्रेस नेताओं को आदिवासी विकास, स्कूली शिक्षण, जनजातीय विकास, मत्स्य, ओबीसी कल्याण और डेयरी विकास देकर निपटा दिया गया।
कैबिनेट विस्तार के बाद महाविकास अघाड़ी में बगावत तेज। जालना के विधायक ने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने का किया ऐलान। कॉन्ग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ कर चुके हैं विधायक संग्राम थोपटे के समर्थक।
प्रदेश कॉन्ग्रेस सचिव नईमुद्दीन गुड्डु और उसके समर्थकों ने कॉन्ग्रेस नेता कुंदन यादव को अस्पताल परिसर में ही पीट डाला। कुंदन के कपड़े तक फाड़ डाले। कॉन्ग्रेसियों के इस बवाल के कारण काफी देर तक अस्पताल में अराजकता का माहौल रहा।
एनडीटीवी के कार्यक्रम में आप के कई छोटे नेता आम आदमी के लिबास में दिखे। अपनी ही सरकार के कार्यों की तारीफ की। इससे पता चलता है कि केजरीवाल की सभाओं व इंटरव्यू में कुछ लोग उनकी तारीफ करने के लिए फिक्स करके रखे जाते हैं।
कोटा में सौ से अधिक बच्चों की मौत को CAA से जोड़ चुके राजस्थान के सीएम ने एक और विवादित बयान दिया है। सीएए वापस नहीं लेने पर उन्होंने विभाजन की बात कही है। जबकि उनके ही डिप्टी सचिन पायलट कह रहे हैं कि कोटा के मामले में सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
इससे पहले ऐसी ही अराजकता प्रियंका के लखनऊ दौरे के दौरान भी देखने को मिली थी। एक वीडियो में प्रियंका के साथ खड़े लोग महिला अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आए थे।
बीजेपी सरकार पर पैसे नहीं देने का आरोप लगाने वाले राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री अब बजट की कोई कमी नहीं होने की बात कह रहे। फिर भी अस्पताल में 533 में से 320 उपकरण ख़राब पड़े हुए हैं। 19 वेंटिलेटर में से 14 ख़राब हैं।
छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस ने केवल उस वीडियो को ही फेक नहीं बताया है, जिसमें पाकिस्तान में मुल्ले सिखों को धमकी दे रहे हैं। उसने यह भी कहा है कि "दोनों तरफ" (भारत और पाकिस्तान) से फेक वीडियो शेयर हो रहे हैं। सब जानते हैं कि यह "संघी" भाषा है।
एनसीपी और शिवसेना अपने कोटे से एक भी मंत्री पद कॉन्ग्रेस से अदला-बदली करने के लिए तैयार नहीं है। एनसीपी और कॉन्ग्रेस नेताओं के बीच जारी घमासान के चलते दोनों दलों के नेता बैठक बीच में ही छोड़कर वहाँ से चलते बने। दोनों पार्टियों के आपसी विवाद के कारण मंत्रियों के विभागों का बँटवारा एक टेढ़ी खीर बनी हुई है।