"ये हमारे लिए हैरानी की बात नहीं है कि वो उन लोगों के साथ खड़ी हुईं, जो भारत की बर्बादी चाहते हैं। वो उनके साथ खड़ी हुईं, जिन्होंने लाठियों से लड़कियों के प्राइवेट पार्ट्स पर हमला किया। मैं उनका ये अधिकार छीन नहीं सकती।"
यूपी के दंगाइयों से संवेदना जताती प्रियंका गॉंधी। जेएनयू हिंसा के घायल छात्रों पर आँसू बहाती प्रियंका गॉंधी। अब देखिए कॉन्ग्रेस महासचिव का वो चेहरा जिससे पता चलता है कि उनके लिए राजनीति से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
सपा सांसद के रामपुर स्थित आवास पर पुलिस ने दबिश दी। नहीं मिलने पर कुर्की के नोटिस चिपका दिए। रिक्शे पर माइक रखकर बकायदा ऐलान किया गया कि आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला अदालत में हाजिर हों।
पिछले दिनों राहुल गॉंधी ने कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है। अब उन्हें नया नाम मिल गया। उमा भारती ने उन्हें और उनकी प्रियंका गॉंधी को जिन्ना बताते हुए कहा है कि दोनों CAA के नाम पर मुस्लिमों को डरा रहे हैं।
भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ने वाले दिग्विजय सिंह विवादित टिप्पणियों को लेकर खासे मशहूर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि भाजपा के लोग आईएसआई के लिए जासूसी करते हैं। उन्होंने भगवा पहनकर बलात्कार किए जाने की बात भी कही थी।
"आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी और सुशील मोदी ही लेंगे। लेकिन अब भाजपा अकेले चुनाव जीतने में सक्षम है। राज्य में बीजेपी किसी भी अन्य राज्य से और यहाँ के अन्य दलों में से सबसे मजबूत और सक्रिय पार्टी है। सुशील मोदी और नित्यानंद राय CM बन सकते हैं।"
कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर कहा था कि दासगुप्ता का घेराव करने वालों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) और TMC के गुंडे शामिल थे। दासगुप्ता के व्याख्यान कार्यक्रम की जगह SFI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छात्रसंघ के विरोध के कारण पहले से ही बदल दी गई थी, बावजूद इसके उन्हें छात्रों ने बंधक बना लिया था।
ममता बनर्जी ने दिल्ली में होने वाली विपक्षी पार्टियों की बैठक का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस और वामदल पश्चिम बंगाल में गंदी राजनीति कर रहे हैं। वह अब अकेले नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगी।
मंगलवार को पुणे स्थित ABVP के कार्यालय पर हमला किया गया। हमलावरों ने ABVP ऑफ़िस के बाहर लगे बोर्ड को काली स्याही से रंग दिया। बाद में खुलासा हुआ कि हमलावर राष्ट्रवादी छात्र कॉन्ग्रेस के नेता और शरद पवार की राकांपा के छात्रसंघ अध्यक्ष थे।
सीएम ने दावा किया कि लेफ्ट पार्टियों द्वारा बुलाए बंद को खारिज कर दिया गया है। वे बंद का आह्वान करके और बसों में बम फेंककर सस्ता प्रचार करना चाहते हैं, इस प्रचार को हासिल करने के बजाय राजनीतिक मौत बेहतर है।