पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। TMC के गुंडों ने इस बार उत्तर 24 परगना के बीजेपी के भाटपारा विधायक पवन सिंह के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और विधायक पर बम से हमला भी किया।
कुल 90 सीटों में से कॉन्ग्रेस-शिवसेना के 59 पार्षद थे। वहीं, बीजेपी समर्थित कोणार्क विकास अघाड़ी के पास केवल 31 पार्षद थे। लेकिन, जब अंतिम परिणाम आया तो कॉन्ग्रेस के 47 में से 18 पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया और कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल 49 वोटों के साथ मेयर चुनी गईं।
तीनों ही पार्टियाँ गृह, वित्त, हाउसिंग, राजस्व जैसे विभागों पर नज़रें गड़ाए बैठे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, काली कमाई और बंदरबाँट का भरपूर 'स्कोप' है। सरकार अभी 6 मंत्रियों को ही जब विभाग नहीं बाँट पा रही है, तो ज़ाहिर सी बात है मंत्रिमंडल विस्तार कर बाकी पद भरना तो और बड़ी चुनौती होगी।
"जहाँ कहीं हमारी पार्टी को 600-700 वोटों की लीड मिली, वहाँ पार्टी ने 50-50 करोड़ रुपए सड़क बनवाने के लिए मुहैया कराए हैं। अब और पैसे तब मिलेंगे जब हमारी पार्टी को लीड (चुनावों में बढ़त) मिलेगी।"
विपक्षी दलों को दिक्कत बुलेट ट्रेन से नहीं है। उनका विरोध राजनीतिक ओछेपन के अलावा कुछ नहीं है। उनको दिक्कत इस बात से है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाएगा।
कॉन्ग्रेस IT सेल में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री की जगह किसी प्रोफेशनल का आना या फिर JNU कनेक्शन है बड़ा कारण? वही कनेक्शन जो अब राहुल गाँधी के भाषण लिखता है लेकिन कभी मनमोहन को काले झंडे दिखा चुका है। राहुल ने जिन-जिन को अनफॉलो किया है, उन सभी 69 अकाउंट्स के बारे में...
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2016 में कैंटीन में मिलने वाले भोजन के दाम बढ़ाए गए थे। इसके बाद अब सब्सिडी ख़त्म करने का फ़ैसला लिया गया है। साल 2016 से अब तक...
कश्मीर पर अफवाह फैलाने में शेहला रशीद पुरानी उस्ताद रही हैं। वे ट्ववीट कर सेना पर कश्मीरियों को प्रताड़ित करने का आरोप तक लगा चुकी हैं। सेना ने उस वक्त कहा था कि लोगों को भड़काने के लिए असामाजिक तत्व और संगठन फर्जी खबरें फैला रहे हैं।
हर भारतीय को भारत के नजरिए से बने वैध नक्शे को देखने की जरूरत है न कि पाकिस्तान-चीन के प्रोपेगेंडा वाले नक्शे को ध्यान में रख कर राजनीति करने की! लेकिन PFI तो इस्लामिक संगठन है, उसे तो पाकिस्तान में सब कुछ 'पाक' दिखता है इसलिए POK भी पाकिस्तान में मिला देना चाहता है।
शर्त जो कोर्ट ने चिदंबरम के बेल के लिए रखी थी, वो है - (i) इस संबंध (केस) में प्रेस को ब्रीफ नहीं करेंगे। (ii) मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। (iii) कोर्ट की इजाजत के बगैर विदेश नहीं जा सकते (iv) 2 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।