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विकास के लिए पैसे चाहिए तो कॉन्ग्रेस में शामिल होना होगा: कमलनाथ के मंत्री का वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री का कहना है कि कई गाँवों के लोग 50 प्रतिशत लोगों का कर्ज माफ़ होने और पैसे मिलने के बाद भी कॉन्ग्रेस के खिलाफ हो गए। बकौल बाला बच्चन, बहुत लोग तो उनके और कॉन्ग्रेस सरकार के पैसे से बने मंदिर में बैठकर वादा करने के बाद में भी उनके ख़िलाफ हो गए थे।

मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में चल रही कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री एक बार फिर गलत वजहों से चर्चा में हैं। राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन का एक वीडियो सोशल मीडिया में पर घूम रहा है। इसमें वे लोगों को कॉन्ग्रेस में शामिल होने की शर्त बता रहे हैं।

वीडियो में वे यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि अगर लोगों को विकास के लिए पैसे चाहिए तो कॉन्ग्रेस का सदस्य बनना पड़ेगा। वे यह उदाहरण भी देते हैं कि जहाँ कहीं उनकी पार्टी को 600-700 वोटों की लीड मिली, वहाँ पार्टी ने 50-50 करोड़ सड़क बनवाने के लिए मुहैया कराए।

वीडियो सोमवार (2 दिसंबर, 2019) की रात का बताया जा रहा है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक राजपुर से 4 बार विधायक बन चुके बच्चन ने कहा कि अब और पैसे तब मिलेंगे जब उनकी पार्टी को ‘लीड’ (चुनावों में बढ़त) मिलेगी। बताया गया है कि बच्चन राजपुर क्षेत्र के ही जलगाँव जिले में थे, जब उन्होंने यह बात कही। वहाँ वे पाटिल समाज द्वारा आयोजित एक समारोह में शिरकत करने पहुँचे थे।

वहाँ इकठ्ठा कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “क्योंकि हमें इनको सबको भी जवाब देना है… हम मूर्ख नहीं बनने वाले।” मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने ग्रामीणों को “फूल-फूल” करने (भाजपा का समर्थन करने) के लिए भी फटकारा। साथ ही दावा किया कि कई गाँवों के लोग 50 प्रतिशत लोगों का कर्ज माफ़ होने और पैसे मिलने के बाद भी कॉन्ग्रेस के खिलाफ हो गए। बकौल बाला बच्चन, बहुत लोग तो उनके और कॉन्ग्रेस सरकार के पैसे से बने मंदिर में बैठकर वादा करने के बाद में भी उनके ख़िलाफ हो गए थे।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी बताए जाने वाले बच्चन राजपुर सीट से 2013 में 11,000 वोटों के अंतर से जीते थे। 2018 में प्रदेश में 15 साल से चल रही बीजेपी सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर के बावजूद वे महज 900 वोटों से जीत पाए थे।

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब बच्चन विवादों में आए हैं। उनकी बड़ी बहन ताराबाई पर शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। ताराबाई उस समय वसावी गाँव की ग्राम पंचायत में सरपंच थीं। जाँच में उनके खिलाफ आरोप सही पाए गए थे। ताजा विवाद पर बच्चन ने सफाई देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी की बैठक चल रही थी। मैंने कुछ गलत नहीं कहा। वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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