ममता ने मालदा में महिला को जलाकर मारे जाने की घटना की पुष्टि की है। इस मामले का जब लोकसभा में स्मृति ईरानी ने जिक्र किया था तो टीएमसी के सांसद हंगामा करने लगे थे।
राजदीप सरदेसाई कॉन्ग्रेस परिवार के प्रति वफ़ादार रहे हैं। इस साल फरवरी में, उन्होंने इंडिया टुडे टीवी में अपने एक शो के दौरान वाड्रा को बेगुनाह साबित करने पर तुले नज़र आए। उन्होंने अपने कार्यक्रम में यह दावा किया था कि......
"सदन में कुछ पुरुष सांसद मेरी ओर बॉंह चढ़ाकर आए। उनमें से एक ने कहा कि स्मृति ईरानी बोल क्यों रही है? जो कुछ हुआ उससे मैं स्तब्ध हैं। क्या बीजेपी का सांसद होना मेरी गलती है?"
ईरानी की पीछे वाली सीट पर बैठी सांसद संगीता देव ने कहा कि कांग्रेस सांसद आस्तीन चढ़ाकर मारने के अंदाज में आए थे। यह घटना तब हुई जब ईरानी ने बंगाल में रेप की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
ACB ने हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि जॉंच में अजित पवार की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। क्रियान्वयन एजेंसी की गड़बड़ियों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। TMC के गुंडों ने इस बार उत्तर 24 परगना के बीजेपी के भाटपारा विधायक पवन सिंह के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और विधायक पर बम से हमला भी किया।
कुल 90 सीटों में से कॉन्ग्रेस-शिवसेना के 59 पार्षद थे। वहीं, बीजेपी समर्थित कोणार्क विकास अघाड़ी के पास केवल 31 पार्षद थे। लेकिन, जब अंतिम परिणाम आया तो कॉन्ग्रेस के 47 में से 18 पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया और कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल 49 वोटों के साथ मेयर चुनी गईं।
तीनों ही पार्टियाँ गृह, वित्त, हाउसिंग, राजस्व जैसे विभागों पर नज़रें गड़ाए बैठे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, काली कमाई और बंदरबाँट का भरपूर 'स्कोप' है। सरकार अभी 6 मंत्रियों को ही जब विभाग नहीं बाँट पा रही है, तो ज़ाहिर सी बात है मंत्रिमंडल विस्तार कर बाकी पद भरना तो और बड़ी चुनौती होगी।
"जहाँ कहीं हमारी पार्टी को 600-700 वोटों की लीड मिली, वहाँ पार्टी ने 50-50 करोड़ रुपए सड़क बनवाने के लिए मुहैया कराए हैं। अब और पैसे तब मिलेंगे जब हमारी पार्टी को लीड (चुनावों में बढ़त) मिलेगी।"
विपक्षी दलों को दिक्कत बुलेट ट्रेन से नहीं है। उनका विरोध राजनीतिक ओछेपन के अलावा कुछ नहीं है। उनको दिक्कत इस बात से है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाएगा।