कॉन्ग्रेस MLA राकेश सिंह ने कहा, “प्रियंका गाँधी बहुत दिनों से अपराधियों को संरक्षण दे रही हैं। वह इसी तरह चुनाव में एक घंटे के लिए आएँगी और फिर जिले के लोगों को लड़वा के पाँच साल के लिए चली जाएँगी।
आयोग ने अपने बयान में कहा, कि यह संभवत: पहली बार है जब ECI ने अनुच्छेद 324 को इस तरीके से लागू किया है, लेकिन यह अराजकता और हिंसा की पुनरावृत्ति के मामलों में अंतिम बार नहीं समझा जाए, क्योंकि यह शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया के संचालन को प्रभावित करता है।
चाहे बात रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों पर हमले की हो, या मणिशंकर 'नीच' अय्यर जैसे व्यक्ति द्वारा पत्रकार को 'फ़क ऑफ़' कहने की, गुप्ता जी के लड़के के एडिटर्स गिल्ड को साँप सूँघ जाता है। इसलिए कि ‘दुधारू गाय की लात सहनी पड़ती है।’
राहुल गाँधी की बहन प्रियंका वाड्रा गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के भाई इस बात पर धरने पर बैठे हैं कि उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी चाहिए, यह कितना उचित है? क्या यह नामदार हैं या कामदार? प्रधानमंत्री जी इन्हीं अच्छे दिनों की चर्चा किया करते थे?
तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बग्गा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी को भी जलूस निकालने की इजाजत है लेकिन इसमें बाहरी लोग शामिल थे। तेजिंदर बग्गा को बाहरी बताते हुए उन्होंने पूछा कि आख़िर यह व्यक्ति है कौन? राज्यसभा सांसद डेरेक ने पूछा कि क्या बग्गा वही व्यक्ति नहीं है, जिसनें दिल्ली में किसी को थप्पड़ मारा था?
"मतगणना में 8 से 10 घंटे की संभावित देरी से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया और लम्बी होने के पीछे ये तीन कारण हैं- वीवीपैट पर्चियों का मिलान, पोस्टल बैलेट्स की गणना और 'Electronically Transmitted Postal Ballots System (ETPBS)' की स्कैनिंग।"
अपने नेता का बचाव करते हुए कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम ने कहा, “भाषण को संदर्भ से परे समझ लिया गया है और दुर्भावना से एंटी-हिन्दू बताया जा रहा है। इससे आम आदमी में कन्फ्यूजन और चिंता पैदा हो रहा है। आम आदमी इस साजिश को नहीं जानता।”
लोकसभा चुनाव प्रचार के चलते मान सोमवार (13 मई, 2019) को अपने संसदीय क्षेत्र संगरूर में गोद लिए गाँव बेनड़ा पहुँचे, जहाँ उन्हें जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने रोड शो का विरोध करते हुए AAP सांसद को काले झंडे दिखाए। खुद के खिलाफ प्रदर्शन देख मान कार की छत पर चढ़े और पंजाबी डांस करने लगे।
इन होटलों में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सिंचाई मंत्री डीके शिवकुमार सहित कई बड़े नेता ठहरे हुए थे। इनमें से अधिकतर राज्य की गठबंधन के विधायक थे। छापेमारी के दौरान सोने के महंगे बर्तनों सहित कई अन्य सामग्रियाँ भी ज़ब्त की गई।