अपने नेता का बचाव करते हुए कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम ने कहा, “भाषण को संदर्भ से परे समझ लिया गया है और दुर्भावना से एंटी-हिन्दू बताया जा रहा है। इससे आम आदमी में कन्फ्यूजन और चिंता पैदा हो रहा है। आम आदमी इस साजिश को नहीं जानता।”
लोकसभा चुनाव प्रचार के चलते मान सोमवार (13 मई, 2019) को अपने संसदीय क्षेत्र संगरूर में गोद लिए गाँव बेनड़ा पहुँचे, जहाँ उन्हें जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने रोड शो का विरोध करते हुए AAP सांसद को काले झंडे दिखाए। खुद के खिलाफ प्रदर्शन देख मान कार की छत पर चढ़े और पंजाबी डांस करने लगे।
इन होटलों में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और सिंचाई मंत्री डीके शिवकुमार सहित कई बड़े नेता ठहरे हुए थे। इनमें से अधिकतर राज्य की गठबंधन के विधायक थे। छापेमारी के दौरान सोने के महंगे बर्तनों सहित कई अन्य सामग्रियाँ भी ज़ब्त की गई।
"साल 2000 में तत्कालीन विधायक एवं मंत्री के सामने उस बूथ को लूटा गया था और उनकी काफी बेइज्जती की गई थी। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि फिर वहाँ पर हिंदू वोटर कभी वोट डालने नहीं गए। लेकिन, इस बार नरेंद्र मोदी जी को वोट डालने सभी लोग बाहर निकले। पर उनके मताधिकार का..."
"तुम लोगों का नसीब अच्छा है कि मैं यहाँ शांत बैठी हूँ वरना तो मैं एक सेकेंड में दिल्ली में भाजपा दफ्तर और तुम्हारे घरों पर कब्ज़ा कर सकती हूँ। अमित शाह क्या भगवान हैं, जो उनके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता है?"
ममता सरकार की इस बड़ी कार्रवाई में बिना किसी क़ानूनी प्रक्रिया का अनुसरण किए और बिना किसी चार्ज के कई भाजपा नेताओं को उठा लिया गया। बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए देश के कई क्षेत्रों से भाजपा नेता कोलकाता में जाकर ठहरे हुए थे।
नवजोत कौर ने सिद्धू के प्रचार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे-सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर ही ठीकरा फोड़ दिया, जिससे नवजोत सिंह सिद्धू जैसे वाचाल के गले में समस्या आने पर भी संदेह हो जाता है।
कमल हासन के खिलाफ यह शिकायत हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने दर्ज कराया है। जिनका आरोप है कि इस बयान से हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं। गुप्ता का आरोप है कि इस बयान के जरिए दो समुदायों के बीच द्वेष फैलाने की भी कोशिश की गई है।