वायनाड में मुक़ाबला बहुत अधिक दिलचस्प है क्योंकि कॉन्ग्रेस ने 2014 में लोकसभा में माकपा के उम्मीदवार के रूप में मुस्लिम उम्मीदवार एमएल शाहनवाज़ को मैदान में उतारा था। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने 21,000 मतों के बहुत कम अंतर से जीत हासिल की थी।
पाँच वर्ष पहले तक क्या होता था दुनियाभर से हम पर सवाल-जबाव शुरू हो जाते थे, दुनिया के देश रूल बनाते थे और हम उसे फॉलो करने के लिए मजबूर हो जाते थे। आज हर मामले में देश ख़ुद आगे बढ़कर निर्णय लेता है, फिर चाहे कोई भी मामला हो।
चुनाव आयोग ने ये निर्देश दिया है कि पहले चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद नेता दूसरे चरण में मतदान होने वाले क्षेत्रों में भी ऐसे भाषण नहीं दे सकते, जिससे पहले चरण के क्षेत्र के लिए वोट अपील करने का भाव उत्पन्न होता हो।
ऑपइंडिया ने इस तरफ अपना ध्यान केंद्रित किया और सबूतों को प्राप्त करने की दिशा में क़दम आगे बढ़ाए जिससे यह पता चल सके कि कहीं सोनिया गाँधी और उनका इटैलियन परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल तो नहीं था और फिर उनके नाम सार्वजनिक रूप से छिपा दिए गए हों।
हक़ीक़त क्या है? ये तो चुनाव नज़दीक आते-आते और साफ हो जाएगा। अगर ऐसे ही हवाई माहौल बनाने की कोशिश की गई तो नंबर-1 का किला ढहकर अगर 3 पर जगह मिले तो कोई आश्चर्य की बात नहीं।
फसल को इसलिए कटवाया जा रहा है ताकि मायावती का विमान आसमान से वहाँ पर उतरे और उनका चुनावी भाषण जोर-शोर से वोटर्स को सुनाया जा सके। चिंता की बात यह भी है कि अभी फ़सल पकने का समय नहीं है, ऐसे में यह फ़सल मवेशियों के चारे के अलावा किसी काम में नहीं आ सकेगा।