एनएबी मेसर्स चौधरी शुगर मिल्स लिमिटेड में भ्रष्टाचार को लेकर मरियम, उनके पिता नवाज शरीफ, पाकिस्तान मुस्लिम लीग के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, उनके चचेरे भाई हमजा शहबाज और युसुफ अब्बास के खिलाफ जाँच कर रही है।
लोगों ने मलाला से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा। ज्ञात हो कि वहाँ हिन्दुओं, सिखों और बौद्धों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं।
भारत ने अनुच्छेद-370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर दिया। इसका असर न सिर्फ़ भारत में बल्कि सीमा पार पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान इस निर्णय से बौखलाया हुआ है और भारत का आंतरिक मसला होने के बावजूद इसमें टाँग अड़ाने को आतुर है। आर्थिक महासंकट से जूझ रहे पाकिस्तान के संसद में ही सिर फुटव्वल देखने को मिला।
हाल ही में गिलगित बाल्टिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के उस बयान का स्वागत किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीओके भी जम्मू कश्मीर का हिस्सा है और उसके लिए जान भी दे सकते हैं।
पेरिस स्थित काला धन रोकने के लिए बने संगठन FATF ने अपनी फ्लोरिडा मीटिंग के दौरान कहा था कि पाक उसके द्वारा निर्देशित कदमों को उठाने में असफल रहा है। अब पाक के पास आतंकियों तक पहुँच रहे पैसों को रोकने के लिए अक्टूबर तक का ही समय है, जिसके बाद उसे काली सूची में डाला जा सकता है।
बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया, "पीएम (पाक के पीएम इमरान खान) ने निर्देश दिया कि भारतीय नस्लवादी शासन और मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करने के लिए सभी राजनयिक चैनलों को सक्रिय किया जाए।"
पाकिस्तान आर्मी प्रवक्ता ने कल शाम एक ट्वीट किया है, जिसमें वो कश्मीर को किसी भी तरीके से वापस लेने की बात करते हुए नजर आ रहे हैं। हालाँकि, गफूर द्वारा अभी यह स्पष्टीकरण देना बाकी है कि उन्होंने ये ट्वीट भाँग के नशे में किया था या घोड़े की लीद फूँक कर....
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि जब सरकार जम्मू कश्मीर की बात करती है तब वह न सिर्फ़ जम्मू, कश्मीर और लद्दाख बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की भी बात करती है। पाकिस्तान में इस निर्णय से बौखलाहट का माहौल है।
2016 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में इंटरव्यू कर डॉक्टरों की बहाली की थी। इसके अलावा पाकिस्तान के डॉक्टर्स अरब देशों में प्रैक्टिस करने जाते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए भी वहाँ का रुख करते हैं। अब उन्हें सऊदी छोड़ने को कहा गया है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी होने के बावजूद हाफिज सईद के पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहने की खबरें पहले भी आती रही हैं। भारत द्वारा कई बार सबूत दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान उस पर कार्रवाई करने से हिचकता रहा है।