ऑपइंडिया ने मेवात में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं पर हुए अत्याचार की जमीनी हालातों को जानने के लिए कई स्थानीय लोगों से संपर्क किया। हमारी बात उन पत्रकारों से भी हुई। जिन्होंने वहाँ जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
बहुत ही बारीकी से कभी प्रतीकात्मक तस्वीर के नाम पर तो कभी सीधे खुल्ले में खेलते हैं कि कौन सी जनता जा रही है तहकीकात करने? अगर बाद में पता भी चला तो क्या हो जाएगा? क्योंकि आजतक कभी इन्हें अपनी इन हरकतों पर कोई बड़ा आउटरेज नहीं झेलना पड़ा।
अमरोहा पुलिस ने आरफा खानम शेरवानी द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का खुलासा किया और साथ ही उन्होंने पत्रकार के खिलाफ आगे की आवश्यक कार्यवाही के लिए साईबर सेल को अवगत कराया, ताकि वो इस पर उपयुक्त कार्रवाई कर सकें।
"जब मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्यों रोका जा रहा है, मेरे CFO एस सुंदरम से इतनी देर से क्यों पूछताछ हो रही है तो पुलिस ने कहा कि ये मेरी मनमर्जी है, हम जितनी देर चाहें, आपको रोक सकते हैं, इंतजार करवा सकते हैं।"