Wednesday, December 1, 2021
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वायर बना जग्गा जासूस: कहा- PMO ने काट दिया मोदी का वीडियो, लोगों ने किया- हा हा!

'द वायर' के 'जग्गा जासूस' को लगता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने वीडियो को बाद में काटा। 'जग्गा' ने सूत्रों से यह भी पता लगा लिया था कि पीएम मोदी ने सजगता से बयान नहीं दिया, इसीलिए PMO ने उस वीडियो को ही सेंसर कर दिया। 'द वायर' की इस नई-नवेली पत्रकारिता पर लोग...

प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ के पास ज़रूर उस दिन ख़बरों की ख़ासी कमी रही होगी, जब उसने एक ख़बर प्रकाशित की कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक यूट्यूब हैंडल ने पीएम नरेंद्र मोदी के उस भाषण को सेंसर कर दिया है, जो उन्होंने भारत-चीन तनाव पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद दिया था। गुरुवार (जून 25, 2020) को ‘द वायर’ ने अपने लेख में लिखा कि पीएम मोदी ने सजगता से बयान नहीं दिया था, इसीलिए PMO ने उस वीडियो को ही सेंसर कर दिया।

प्रोपेगेंडा पोर्टल के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा था कि किसी ने भी भारतीय ज़मीन में घुसपैठ नहीं किया है और इसीलिए PMO ने उस वीडियो को सेंसर कर दिया। हालाँकि, ‘द वायर’ के जासूसों को ये समझना चाहिए कि जब पीएम मोदी ये सम्बोधन दे रहे थे, तब सिर्फ़ उनके यूट्यूब चैनल पर ही नहीं, बल्कि टीवी पर सभी न्यूज़ चैनलों ने इसे लाइव प्रसारित किया था। ऐसे में, उनके यूट्यूब चैनल द्वारा इसे सेंसर करने की बात करना बेतुका है

हालाँकि, ‘द वायर’ ने तो यहाँ तक कह दिया कि पीएम मोदी के उस वीडियो को काट-छाँट कर छोटा कर दिया गया है और जहाँ उन्होंने ये बयान दिया था, वहाँ बीच वाक्य से ही उनकी बात शुरू होती है। जून 19 को हुए इस सम्बोधन के बाद कॉन्ग्रेस ने भी इन अजीबोगरीब दावों को मुद्दा बना दिया था। आप ख़ुद पीएम मोदी के आधिकारिक हैंडल पर मौजूद इस वीडियो को पूरा का पूरा यहाँ देख सकते हैं:

भारत-चीन तनाव पर सर्वदलीय बैठक के बाद पीएम मोदी का बयान

अब आप प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा अपलोड किए गए वीडियो को देखिए, जिसे नीचे अपलोड किया गया है। दोनों ही वीडियो में टेलीकास्ट एक वाक्य के बीच में शुरू होता है, जिससे पता चलता है कि ये किसी तकनीकी दिक्कत के कारण हुआ था न कि PMO ने इसे काट-छाँट दिया। बावजूद इसके ‘द वायर’ के ‘जग्गा जासूस’ को लगता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने वीडियो को बाद में काटा। ये हास्यास्पद है।

PMO के यूट्यूब हैंडल पर पीएम मोदी का सम्बोधन

सोचने वाली बात ये है कि जब ये वीडियो सैकड़ों चैनलों पर और वेबसाइट्स पर मौजूद है, तब उसे सेंसर क्यों किया जाएगा? ऑपइंडिया ने जब प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों से इस सम्बन्ध में बातचीत की और प्रोपेगेंडा पोर्टल के दावों पर सवाल पूछे तो उन्होंने हँसते हुए कहा कि ‘द वायर’ से पत्रकारिता की उम्मीद करना ही बेकार है। उन्होंने कहा कि ये आरोप प्रतिक्रिया के लायक हैं ही नहीं और हास्यास्पद है सो अलग।

बता दें कि पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा था कि ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कण्ट्रोल (LAC)’ के साथ छेड़छाड़ करने की किसी भी प्रकार की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बकौल पीएम मोदी, पहले इस तरह की छेड़छाड़ पर सरकारें इसे नज़रअंदाज़ कर देती थीं लेकिन अब सेना के जवान ऐसा करने वालों को रोकते-टोकते हैं। सभी पार्टियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सूचित किया गया है कि इस बार चीन सीमा पर एक बड़े सैन्य बल के साथ अपने इरादों को अंजाम देने आया था लेकिन भारतीय सेना ने उसके अनुरूप ही उचित जवाब दिया। 

पीएम मोदी ने कहा था कि जिन्होंने भारतीय सरजमीं में घुसने की कोशिश की, उन्हें भारत माता के वीर सपूतों ने करारा जवाब दिया। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारे जवान हमारी सीमाओं की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पीएमओ ने कहा है कि भारतीय क्षेत्र की क्या परिभाषा है, ये आधिकारिक नक़्शे से तय होता है। पिछले 60 साल में किस तरह से देश की 43,000 वर्ग किलोमीटर जमीन चीन के कब्जे में चली गई, इस बारे में भी सभी दलों को बताया गया।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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