Monday, June 14, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया ऑपइंडिया के संपादकों और सीईओ के खिलाफ FIR पर SC की रोक, बंगाल सरकार...

ऑपइंडिया के संपादकों और सीईओ के खिलाफ FIR पर SC की रोक, बंगाल सरकार से माँगा जवाब: मामले की पूरी डिटेल

पोर्टल पर पश्चिम बंगाल से संबंधित तीन अलग-अलग समाचार लेखों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। इन्हें अन्य मीडिया संस्थानों ने भी प्रकाशित किया था। लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने रिपोर्टों के लिए विशेष तौर पर केवल ऑपइंडिया को निशाना बनाया।

ऑपइंडिया पर प्रकाशित रिपोर्टों को लेकर पश्चिम बंगाल की सरकार ने चार लोगों पर तीन एफआईआर दर्ज की थी। इन पर शुक्रवार (जून 26, 2020) को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।

जिन पर एफआईआर दर्ज किया गया था, उनमें से तीन ऑपइंडिया से संबद्ध हैं। ये हैं वेबसाइट के सीईओ राहुल रौशन, अंग्रेजी की संपादक नुपूर शर्मा और हिंदी के संपादक अजीत भारती। एफआईआर में वैभव शर्मा का भी नाम है। वे नुपूर शर्मा के पति हैं। लेकिन उनका वेबसाइट से कोई संबंध नहीं है।

जस्टिस संजय किशन कौल और बीआर गवई की अवकाश पीठ ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारों लोगों की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

इस आदेश के साथ ही पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को भी नोटिस जारी किया। पोर्टल पर पश्चिम बंगाल से संबंधित तीन अलग-अलग समाचार लेखों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी। इन्हें अन्य मीडिया संस्थानों ने भी प्रकाशित किया था। लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने रिपोर्टों के लिए विशेष तौर पर केवल ऑपइंडिया को निशाना बनाया।

अपनी याचिका में चारों याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य पुलिस का दुरुपयोग कर ईमानदार मीडिया समूह को धमकी देकर, डाँट-डपटकर, झूठ बोलकर अवैध सेंसरशिप लगाने की कोशिश कर रही है।

याचिका में कहा गया था, “ राज्य की यथास्थिति को जनता के संज्ञान में लाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स को डिलीट करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार और उनकी कोलकाता पुलिस एफआईआर और क्रूर पुलिस शक्तियों का दुरुपयोग करके न केवल पत्रकारों को डराने, धमकाने का काम कर रही है, बल्कि परिवार के वरिष्ठ सदस्यों को भी डरा धमकाकर शर्मिंदा कर रही है।”

याचिका में कहा गया था कि पुलिस ने याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से डराने और परेशान करने के लिए सीआरपीसी की धारा 41 ए का प्रयोग कर उन्हें नोटिस भेजा। इतना ही नहीं, याचिकार्ताओं के कई अनुरोधों के बाद भी पुलिस ने एफआईआर की कॉपी उनके साथ साझा नहीं की और न ही उसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया, जो कि सु्प्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन है।

इस संबंध में सबसे पहला केस ऑपइंडिया पर 14 मई को प्रकाशित एक खबर को लेकर हुआ था। इसमें भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी के बयान का उल्लेख और टीएमसी नेताओं की प्रतिक्रिया थी।

दरअसल , रायगंज की भाजपा नेता व सांसद ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को इस्लामिक राज्य में बदलने और बांग्लादेश के साथ विलय करने की योजना बना रही है।

इसी बयान पर ऑपइंडिया ने रिपोर्ट की थी और कई मीडिया संस्थानों ने भी इसे कवर किया। लेकिन बंगाल सरकार ने ऑपइंडिया के अंग्रेजी संपादक और उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया, जो कोलकाता के निवासी हैं। इसके बाद वैभव शर्मा को समन भेजकर 16 मई को पुलिस स्टेशन में बुलाया गया।

गौरतलब हो कि वैभव शर्मा का ऑपइंडिया से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेकिन एक फोन नंबर जिसका इस्तेमाल नुपूर करती हैं, वह उनके नाम पर है। केवल इसी फोन नंबर की वजह से पुलिस ने उनसे पूछताछ की।

16 मई को पूछताछ में पुलिस ने उन्हें धमकाया कि अगर रिपोर्ट डिलीट नहीं की गई, तो वह गिरफ्तार किए जाएँगे। इस बीच पुलिस ने नुपुर शर्मा के 68 वर्षीय पिता से भी बात की और उन्हें भी इसी प्रकार डराया। मगर, इस बीच जब एफआईआर की कॉपी माँगी तो पुलिस उसे देने से इनकार करती रही।

फिर, बंगाल पुलिस ने उसी दिन नुपुर और उनके पति को एक और नोटिस भेजा। इस नोटिस में उनसे 17 मई को प्रकाशित एक रिपोर्ट को लेकर दूसरे पुलिस थाने में हाजिरी लगाने को कहा गया। ये रिपोर्ट भी संडे गार्जियन की रिपोर्ट पर आधारित थी। इसमें दावा किया गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार कोरोना से मरने वालों के शव का चुपके-चुपके निपटान कर रही है और वास्तविक आँकड़ों को छिपा रही है।

इसके बाद, पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कोलकाता में पूछताछ के लिए राहुल रौशन और अजीत भारती को भी नोटिस जारी किए गए। लेकिन चूंकि उस समय लॉकडाउन लागू था और वे बंगाल से बाहर के राज्यों के निवासी थे, इसलिए उन्होंने यात्रा करने में असमर्थता जताई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पूछताछ करने का अनुरोध किया। लेकिन पुलिस ने अब तक उनके अनुरोध का जवाब नहीं दिया। साथ ही उन्हें एफआईआर की प्रतियाँ भी उपलब्ध नहीं कराई है।

इतने सब के बाद इसी महीने की 8 तारीख को ऑपइंडिया के खिलाफ एक और मामला दायर किया गया। इस बार यह मामला कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई अज़ान पर एक पुरानी रिपोर्ट के लिए किया गया।

यह रिपोर्ट पिछले साल 7 अक्टूबर को प्रकाशित हुई थी। इसे कई राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया हाउसों द्वारा भी रिपोर्ट किया गया था। इसके अलावा, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। लेकिन फिर भी इसे लेकर ऑपइंडिया पर निशाना बनाया गया और इस मामले में भी एफआईआर की प्रतियाँ माँगने पर ऑपइंडिया को उपलब्ध नहीं करवाई गई।

लगातार पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद इन चारों लोगों ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया। इसी क्रम में उन्होंने 12 जून को वकील रवि शर्मा के जरिए एफआईआर ख़ारिज करने के लिए याचिका डाली।

याचिका में कहा गया कि उनकी सामग्री केवल इंटरनेट पर प्रकाशित हुई। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई केवल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत केंद्र सरकार द्वारा की जा सकती है, और राज्य सरकार का उन पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि इंटरनेट से सामग्री को हटाने की माँग करने के लिए पुलिस के पास कानून नहीं है।

इसी पूरे मामले पर आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और एफआईआर के लिए आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ताओं की ओर पैरवी वरिष्ठ एडवोकेट महेश जेठमलानी, संदीप कपूर, सिया चौधरी और मधुलिका राय ने की। सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भी दिया है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शमशेर अली ने हिंदू महिला को कमरे में बंद कर पीटा, पैसे लिए-अगरबत्ती से दागा: तांत्रिक बता रहा भास्कर

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में अंधविश्वास के एक मामले में 'दैनिक भास्कर' ने मौलवी को 'तांत्रिक' लिख कर भ्रम फैलाया है। शमशेर अली और उसका बेटा निन्हे किस हिसाब से 'तांत्रिक' हुआ?

राम मंदिर में अड़ंगा डालने में लगी AAP, ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश: जानिए, ‘जमीन घोटाले’ की हकीकत

राम मंदिर जजमेंट और योगी सरकार द्वारा कई विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के कारण 2 साल में अयोध्या में जमीन के दाम बढ़े हैं। जानिए क्यों निराधार हैं संजय सिंह के आरोप।

विराजमान भगवान विष्णु, प्रसिद्धि माता पार्वती और भगवान शिव को लेकर: त्रियुगीनारायण मंदिर की कहानी

मान्यता है कि रुद्रप्रयाग का त्रियुगीनारायण मंदिर वह जगह है जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था।

क्या है UP सरकार का ‘प्रोजेक्ट एल्डरलाइन’, जिसके लिए PM मोदी ने की CM योगी आदित्यनाथ की सराहना

जनकल्याण के इसी क्रम में योगी सरकार ने राज्य के बेसहारा बुजुर्गों के लिए ‘एल्डरलाइन प्रोजेक्ट’ लॉन्च किया। इसके तहत बुजुर्गों की सहायता करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

क्या कॉन्ग्रेस A-370 फिर से बहाल करना चाहती है? दिग्विजय सिंह के बयान पर रविशंकर प्रसाद ने माँगा जवाब

नाम न छापने की शर्त पर कॉन्ग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान कॉन्ग्रेस को नुकसान पहुँचाने वाला है।

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने जताई थी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा, भड़के संजय राउत ने कहा- उद्धव ही रहेंगे CM

महाराष्ट्र प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था कि उनकी इच्छा मुख्यमंत्री बनने की है। इस पर अपनी राय रखते हुए संजय राउत ने कहा कि....

प्रचलित ख़बरें

इब्राहिम ने पड़ोसी गंगाधर की गाय चुराकर काट डाला, मांस बाजार में बेचा: CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

इब्राहिम की गाय को जबरदस्ती घसीटने की घिनौनी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। गाय के मालिक ने मालपे पुलिस स्टेशन में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

राम मंदिर में अड़ंगा डालने में लगी AAP, ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश: जानिए, ‘जमीन घोटाले’ की हकीकत

राम मंदिर जजमेंट और योगी सरकार द्वारा कई विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के कारण 2 साल में अयोध्या में जमीन के दाम बढ़े हैं। जानिए क्यों निराधार हैं संजय सिंह के आरोप।

कीचड़ में लोटने वाला सूअर मीका सिंह, हवस का पुजारी… 17 साल की लड़की को भेजा गंदे मैसेज और अश्लील फोटो: KRK

"इसने राखी सावंत को सूअर के जैसे चूसा। सूअर की तरह किस किया। इस तरह किसी लड़की को जबरदस्ती किस करना किसी रेप से कम नहीं है।"

16 साल की लड़की से दिल्ली के NGO वाली 44 साल की महिला करती थी ‘जबरन सेक्स’, अश्लील वीडियो से देती थी धमकी

दिल्ली में 16 साल की नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में 44 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोपित महिला एनजीओ चलाती हैं और...

दलित लड़की किडनैप, नमाज पढ़ता वीडियो… और धमकी कि ₹40-50 हजार लेके भूल जाओ: UP पुलिस ने किया केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सिलाई कंपनी में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के साथ काम करने वाली दलित समुदाय की लड़की का नमाज पढ़ता वीडियो...

मात्र 84 टिकट और ₹6,000 का कलेक्शन: महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में सलमान की फिल्म ‘राधे’ को नहीं मिल रहे दर्शक

महाराष्ट्र में दो सिनेमाघरों ने खुलने के तुरंत बाद ही सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ से अपनी शुरुआत करने का फैसला किया लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,706FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe