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एंटोनियो माइनो कोई क्वीन विक्टोरिया है क्या? संबित पात्रा ने दरबारी राजदीप की बकैती पर किया सवाल

"PM मोदी को उन्हें निजी तौर पर फोन क्यों करना चाहिए? एंटोनियो माइनो भारत की विक्टोरिया हैं क्या? फिर तो प्रधानमंत्री को विक्टोरिया और 'क्लाउन प्रिंस' (जोकर युवराज) को भी फोन करना चाहिए। वो भारत के प्रधानमंत्री हैं… वो कोई न्यूज एंकर नहीं हैं।"

गलवान घाटी के विषय पर पीएम मोदी द्वारा सोनिया गाँधी को फ़ोन करने के प्रश्न पर भाजपा पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राजदीप सरदेसाई से पूछा कि एंटोनियो माइनो (सोनिया गाँधी) कोई क्वीन विक्टोरिया हैं क्या? जिसके जवाब में कार्यक्रम के संचालक राजदीप सरदेसाई सिर्फ मुस्कुराते रह गए।

न्यूज चैनल इंडिया टुडे के एक डिबेट कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई चाहते थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनिया गाँधी को फ़ोन कर उनसे लद्दाख में चल रहे गतिरोध के बारे में बात करें। जिस पर संबित पात्रा ने सरदेसाई के तथ्यों में कुछ सुधार किया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो पड़ा।

लाइव टीवी डिबेट की यह वीडियो क्लिप बुधवार (जून 24, 2020) का है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस वीडियो को अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

टीवी पर बहस के दौरान राजदीप सरदेसाई ने संबित पात्रा से सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनिया गाँधी से बात करने के लिए फोन क्यों नहीं उठाते हैं?

इसके जवाब में संबित पात्रा ने कहा कि तो फिर केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई गई थी? भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि आप (राजदीप सरदेसाई) कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनिया गाँधी को फोन कर सकते हैं, क्यों? वो स्पेशल हैं? वो ऑल पार्टी मीटिंग में थीं, क्या वहाँ उन्हें नहीं बुलाया गया था?

संबित पात्रा ने कहा –

“कल वो वहाँ चाय-पानी पीने आई थीं? पीएम मोदी को उन्हें निजी तौर पर फोन क्यों करना चाहिए? एंटोनियो माइनो भारत की विक्टोरिया हैं क्या? प्रधानमंत्री को सभी को निजी तौर पर क्यों फोन करना चाहिए? वो ऑल पार्टी मीटिंग थी। फिर तो प्रधानमंत्री को विक्टोरिया और ‘क्लाउन प्रिंस’ (जोकर युवराज) को भी फोन करना चाहिए। वो भारत के प्रधानमंत्री हैं… वो कोई न्यूज एंकर नहीं हैं। वो किसी न्यूज़ चैनल के गेस्ट कोऑर्डिनेटर नहीं हैं, जो सभी को फोन कर कहे कि आप आ जाओ… छह बजे आ जाओ डिबेट करने के लिए। वो भारत के प्रधानमंत्री हैं।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत रविवार (21 जून) को भारत-चीन सीमा तनाव पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सोनिया गाँधी, TMC लीडर ममता बनर्जी, शरद पवार , अखिलेश यादव सहित कई पार्टियों के नेता शामिल हुए थे।

ज्ञात हो कि अधिकांश पार्टी प्रमुखों ने चीन के विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया लेकिन कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इस पर सवाल खड़े किए थे। पीएम मोदी ने इस सर्वदलीय बैठक में स्पष्ट कहा था कि चीन ने भारत के किसी भी सीमा क्षेत्र पर कब्जा नहीं किया है। यह सर्वदलीय बैठक पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून को भारत-चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद बुलाई गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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