भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को बिना आधार का बताया है, जिन्होंने B.1.617 म्यूटेंट स्ट्रेन के लिए इंडियन वेरिएंट शब्द का उपयोग किया है।
हमारे पास 12 ऐसे उदाहरण हैं, जब वामपंथी मीडिया ने कोरोना की दूसरी लहर से ठीक पहले अपने ऑनलाइन पोर्टल्स पर वैक्सीन को लेकर फैक न्यूज फैलाई और लोगों के बीच भय का माहौल पैदा किया।
राजदीप सरदेसाई ने सोमवार को ट्वीट करके नताशा नरवाल की हिरासत को मानवीय त्रासदी बताते हुए कहा कि नताशा का जेल में रहना बताता है कि अपराधिक न्याय व्यवस्था अपनी दिशा खो चुकी है।
HT के पत्रकार जिया हक़ ने ट्विटर के माध्यम से दोनों ही लेखों का स्क्रीनशॉट शेयर किया और उस पैराग्राफ के बारे में बताया, जिसका उन्होंने कॉपी करने का आरोप लगाया।
इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कँवल ने सोमवार को ट्विटर पर अपने उस दावे के लिए माफी माँगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवसेना नेताओं ने अदार पूनावाला को चीनी कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर धमकी दी।