खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली है कि नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से 450 से 500 आतंकवादी राज्य में घुसने के लिए घात लगाए बैठे हैं। पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने की लगातार कोशिश कर रहा है। जिसे देखते हुए डोभाल ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट रहने और काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत रखने का आदेश दिया।
जिहादी भारत की ज़मीन पर यहूदियों को मार कर इज़राइल को 'सबक' सिखाना चाहते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस सूचित कर दिया है, ताकि जिहादी मंसूबों को कामयाब होने से रोका जा सके।
खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकियों वाले एक मॉड्यूल को लेकर अलर्ट जारी किया है। आशंका है कि ये आतंकी भारतीय वायु सेना के ठिकानों को तबाह करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आसपास आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।
चाहे वो मोदी हों, मर्कल हों, मैक्राँ हों, जॉनसन हो या कोई वैसा राष्ट्र जो यह नहीं चाहता कि उसके किसी एयरपोर्ट पर, चर्च में, सड़क पर, पार्क में, मंदिर पर या बस-ट्रेन में बम फूटे, छुरा चले, ट्रकों से लोगों को रौंदा जाए, तो सबसे पहला काम तो वो यह करें कि एक स्वर में इस मुसीबत को उसके पूरे नाम से स्वीकारें कि हाँ, कट्टरपंथी आतंकवाद ने इन सारे देशों में दहशत फैलाई है, जानें ली है, परिवारों को तोड़ा है।
सेनाध्यक्ष ने बालाकोट को पाकिस्तान ने हाल ही में फिर से शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था। वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था। इसलिए लोग वहाँ से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।
पुलिस को इन आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में (500 राउंड) गोला-बारूद बरामद हुआ है। साथ ही पुलिस को इनके पास से 5 एके-47, कुछ पिस्टल्स, सैटलाइट फोन और एक सफेद मारूती सुजुकी कार भी मिली है।
वीडियो और अन्य प्रोपेगंडा के ज़रिए लोगों को बरगलाने के अलावा अपने समर्थकों से विस्फ़ोटकों, विष, चाकुओं और वाहनों के ज़रिए जिहाद करने की अपील की जा रही थी।
भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम सीमा पर है। पाकिस्तानी सेना ने भी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें तेज़ कर दीं हैं।
आजादी, ऑटोनमी और सेल्फ रूल का नारा देने वालों के सुर बदलने लगे हैं। अब न सिर्फ वे कहने लगे हैं कि हमें रिहा कर दो बल्कि सरकारी बॉन्ड भरकर यह भी लिखित में देने लगे हैं कि रिहाई के बाद न तो वो आजादी वाला नारा लगाएँगे और न ही ऐसा कोई काम करेंगे, जिससे माहौल बिगड़े।
1. लोग उच्च न्यायालय तक अपनी शिकायत नहीं पहुँचा पा रहे हैं। 2. आर्टिकल 370 हटाने के बाद नाबालिगों को हिरासत में रखा जा रहा है। - इन दोनों आरोपों से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से रिपोर्ट मिल गई है। और इस रिपोर्ट के आधार पर...