राव को बीते साल नक्सलियों से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह पुणे की यरवदा जेल में बंद था। इस मामले में राव सहित 23 लोगों के खिलाफ पुणे पुलिस ने मामला दर्ज कर रखा है। राव पहली बार तब चर्चा में आया था, जब बीते साल पुलिस ने माओवादियों से संपर्क रखने को लेकर देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की थी।
केंद्र सरकार ने इसी साल मई में 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश', 'जमात-उल-मुजाहिदीन भारत' और 'जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' तथा इसके सभी स्वरूपों को आतंकवादी संगठन की लिस्ट में शामिल किया है। ये मदरसों के माध्यम से दहशतगर्दी फैलाने का काम करते हैं।
'जॉइन इंडियन आर्मी' फेसबुक पेज लाइक करने वालों में से ही हनी-ट्रैप होने वाले शिकारों का चयन हो रहा है। सिविलियन्स के भी निशाना बनने से इंकार नहीं किया जा सकता।
14 फरवरी को हुए पुलवामा अटैक के बाद पूरे देश में जवानों के लिए डोनेशन में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल 18 जून तक ₹242.15 करोड़ की सहायता राशि मिल चुकी है। वीरों के लिए दिए जाने वाले डोनेशन में 12 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
2018 में सुरक्षाबलों ने कुल 257 आतंकी मारे। इनमें 146 कश्मीरी थे, जबकि 111 आतंकी दूसरे मुल्क के थे। जबकि 2016 और 2017 में ये आँकड़े उलटे देखने को मिले थे। इन वर्षों में सुरक्षाबल द्वारा दूसरे मुल्कों के आतंकी ज्यादा मारे गए थे और स्थानीय कम।
सभी गाड़ियों को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग (RFI) से सुसज्जित किया गया है। इससे सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धालुओं की सही लोकेशन पता चलती रहेगी। मानवरहित एरिअल व्हीकल (UAVs) का भी सहारा लिया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं की पूरी स्थिति पता चलती रहेगी।
वे खराब मौसम में एक पहाड़ी पर फँस गए हैं, जहाँ से उन्हें न तो वायु सेना हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट कर सकती है और न ही वह खुद बारिश के कारण खतरनाक हो गए रास्ते पर पूरे दिन भर की जोखिम-भरी ट्रेकिंग कर के निकटतम गाँव तक पहुँच सकते हैं।
ये वही जाकिर मूसा है जिसे सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था, उसके बाद से ही अंसार गजवातुल हिंद बदला लेने पर उतारू है। सुरक्षा बलों ने इन खुफिया इनपुट्स के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर चौकसी कड़ी कर दी है।
सामंत गोयल R&AW में अनिल धसमाना का स्थान लेंगे जबकि अरविन्द कुमार इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख के रूप में राजीव जैन का स्थान लेंगे। जैन और धसमाना को 2016 में नियुक्ति दी गई थी। बाद में उन्हें छः महीने का कार्यकाल विस्तार दिया गया था।
हमले की सफलता का कोई वीडियो न होने के बावजूद पायलटों के मन में सफलता को लेकर कोई संदेह नहीं है। “मुझे स्पाइस बमों के निशाने पर गिरने में कोई संदेह नहीं है।”