"लंबे समय तक जो लोग सरकार में रहे वो हमारी धार्मिक स्थलों की मान्यताओं को नहीं समझ सके, राजनीतिक फायदे के लिए अपनी ही संस्कृति पर शर्मिंदगी की प्रवृत्ति स्थापित कर दी।"
जितेंद्रानंद ने कहा कि कहा कि वो नरेंद्र मोदी और अमित शाह से प्रेम करते हैं, भारतीय जनता पार्टी से नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा में कई नास्तिक नेता भी हैं।