आईपीएस ने शपथ दिलवाई, “मैं गौरी, गणपति और अन्य हिंदू भगवानों में विश्वास नहीं करता। मैं कभी उनकी पूजा नहीं करूँगा। मैं उन्हें भगवान का अवतार नहीं मानता। मैं श्राद्ध कर्म नहीं करूँगा और न ही पिंड दान करूँगा....।"
कुछ दिनों पहले जब इस पर आपत्ति आई थी, तभी तमाम पुस्तकों को बाजारों से वापस उठवा लिया गया था और उक्त कंटेंट को हटा दिया गया था। माफ़ी भी माँगी गई थी। फिर भी हमला हुआ।