'ग्लोबल टाइम्स' द्वारा भारतीय रक्षा मंत्री की चीनी रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है, जिसे 'द क्विंट' जैसे भारतीय प्रोपेगेंडा वेबसाइट द्वारा भी प्रकाशित किया गया है।
वामपंथियों और उनके गिरोह को ये बात नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून-व्यवस्था में उन्हें यकीन नहीं है, आज उसी ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी। ये चीज वामपंथियों को याद रखना चाहिए।
Plurals के नेता अनुपम सुमन की कम्पनी है YBM, जिसने अपने कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए निकाल दिया। अनुपम सुमन को पुष्पम प्रिया चौधरी का करीबी माना जाता है।
मंत्रालय ने पतंजली कम्पनी से कहा है कि पहले वो अपने कागज मंत्रालय में जमा करवाएँ और तब तक किसी भी तरह का विज्ञापन या दावा करने से बचें, जब तक इस पर जाँच पूरी नहीं होती।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार ने फैसला किया है कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में 50 फीसदी कर्मचारी कम किए जाएँगे। इसी तरह इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में भी 50 फीसदी कर्मचारी कम करने का फैसला लिया गया है।
'चाऊ-माओ' के बीच अपने लिए वैश्विक छवि तलाश रहे नेहरू ने कभी सीमा पर हो रही सैनिकों की मौत को लेकर जुबान नहीं खोली। उन्हें यह स्वीकार करते दशक बीत गए कि सीमा पर कुछ चिंताजनक हो रहा है।
अपनी तस्वीर साझा करते हुए अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, "कॉन्ग्रेस कार्य समिति की आभासी बैठक में हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया, जिन्होंने भारत-चीन सीमा पर बलिदान दिया।"