CAA का किसी भी सूरत में भारत के नागरिकों से सरोकार नहीं है, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। बावजूद इसके हिंसा। लगता है नागरिकता संशोधन कानून तो महज बहाना है। साजिशें गहरी हैं। इन साजिशों का पता लगाया जाना वक्ती जरूरत है।
अपने ट्वीट में अपर्णा यादव ने जामिया मिलिया, NRC बिल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और 16 दिसंबर के हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “जो भारत का है उसे रजिस्टर में अंकित होने में क्या समस्या है?”
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर किया गया था। 5 अगस्त से ही नियमित सुनवाई शुरू कर दी गई थी। सुनवाई बंद कमरे में हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों के बीच जिरह हुई।
इससे पहले भी जामिया में हिंसा को लेकर आप का दोहरा रवैया सामने आ चुका है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ट्विटर पर दिल्ली पुलिस पर आग लगाने का इल्जाम लगाया था। वहीं, एक वीडियो में हिंसक भीड़ की अगुवाई करते पार्टी विधायक अमानतुल्लाह नजर आए थे।
छात्रों ने कैमरामैन के साथ भी धक्का-मुक्की की और कहा कि एबीपी न्यूज़ बिका हुआ है, वो कुछ भी सही नहीं दिखा रहा। इससे पहले जामिया के छात्रों ने ज़ी न्यूज़ की पत्रकार के साथ बदतमीजी की थी।
पायल को बूॅंदी पुलिस ने रविवार को अहमदाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। उन पर नेहरू को लेकर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में सोशल मीडिया में 'आई स्टैंड विथ पायल रोहतगी' ट्रेंड करने लगा था।
जामिया नगर में शूट किए गए इस वीडियो के छठे सेकंड में आप सुन सकते हैं कि एक व्यक्ति यह कहता दिखता है कि वो मोदी, अमित शाह और हिन्दुओं से 'आज़ादी' लेकर रहेंगे।