एमएल शर्मा ने कहा था कि बलात्कार के लिए पुरुष से ज्यादा महिलाएँ जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने कहा था कि बलात्कार होते समय महिलाओं को संघर्ष नहीं करना चाहिए बल्कि जो हो रहा है, उसे होने देना चाहिए। साथ ही वो कहते हुए दिखे थे कि निर्भया चुपचाप रेप होने देती तो आरोपित 'सब कुछ कर के' उसे घर तक छोड़ देते।
चारो आरोपितों अल्ताफ, सरफराज उर्फ सफ्फू, इरशाद उर्फ मंगली व सौयब ने लगभग दो घंटे बाद पीड़िता नाबालिग को खेत में ही छोड़ कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने घर आकर आपबीती अपनी माँ को बताई तो......
शायद राहुल गाँधी को यह नहीं पता कि विदेशों में भी रेप होते हैं और बहुत ही विभत्स होते हैं। लेकिन नहीं! इन्हें तो सिर्फ राजनीति करनी है। मुद्दा फिर चाहे रेप जैसा गंभीर ही क्यों न हो, ये करेंगे राजनीति ही! तभी तो विदेशी मीडिया की बातों को...
"रिव्यू पिटिशन पर जो भी फ़ैसला होगा, वो चाहे हमारे हक़ में आए या न आए, हमको वो फ़ैसला भी क़बूल है। लेकिन, यह भी एक हक़ीक़त है कि क़यामत तक बाबरी मस्जिद जहाँ थी, वहीं रहेगी। चाहे वहाँ पर कुछ भी बन जाए। वो मस्जिद थी, मस्जिद है... मस्जिद ही रहेगी।"
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि न्याय त्वरित रूप से किया जा सकता है या फिर ऐसा होना चाहिए। जस्टिस बोबडे ने कहा कि न्यायिक सुधार की प्रक्रिया जुडिशरी ख़ुद करेगी और इसे सार्वजनिक रूप से करना है या नहीं, इसपर बहस हो सकती है।
“.....सबसे पहले आज जो खबर मिली उस खबर से दिल को बड़ा सुकून मिला। हैदराबाद पुलिस ने गैंगरेप के चारों आरोपितों को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने बड़ा ही साहसिक निर्णय लिया है और मैं पुलिस के इस निर्णय के साथ हूँ।”
उन्होंने कहा कि उनके साथ वही हो रहा है, जो औरंगज़ेब ने छत्रपति शिवाजी के साथ किया था। राज्यपाल ने कहा कि सरकार में पाँच-छह ऐसे मंत्री हैं जो उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें सूचित किए बिना ही विश्वविद्यालयों में वीसी की नियुक्ति कर दी जा रही है।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गाँधी ने कॉन्ग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था।