जिलानी ने दावा किया कि 5 सदस्यीय पीठ ने जो फ़ैसला दिया है, वो अंतिम नहीं है। जिलानी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव भी हैं। बोर्ड ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कही थी।
एनसीपी नेता अजित पवार के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार की सुबह शपथ ली। पवार उपमुख्यमंत्री बने हैं। इसे शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
शिवसेना के नेता मिलिंद नार्वेकर और एकनाथ शिंदे दो एनसीपी विधायकों संजय बंसोड और बालासाहब पाटिल को मुंबई एयरपोर्ट से लेकर आए। कहा जा रहा है कि ये दोनों अजित पवार गुट के विधायक हैं।
कहा जाता है कि पवार ने 41 साल पहले जो कुछ किया था वो अपने राजनीतिक गुरु यशवंत राव चव्हाण के इशारे पर किया था। तो क्या अजित भी अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार की मिलीभगत से ही भाजपा के पाले में गए हैं?
78,000 ईसापूर्व से लेकर 18,000 ईसापूर्व और 7000 ईसापूर्व से लेकर 2500 ईसापूर्व की समयावधि में सरस्वती नदी निरंतर बिना किसी रुकावट के बहा करती थी। इसके साथ ही ऋग्वेद की उन कई ऋचाओं पर भी मुहर लग गई है, जिनमें सरस्वती नदी का जिक्र है।
"अतिक्रमण को जायज़ ठहराना मंदिर की प्रॉपर्टी के साथ छेड़छाड़ जैसा है और इस तरह का कोई भी कार्य जिसमें मंदिर की जरूरत के अलावा उसमें किसी तरह की तोड़फोड़ की जाए तो यह हिन्दू भावनाओं को भड़काने जैसा होगा।"
"धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है। जहाँ तक सवाल आयुर्वेद विभाग के संस्कृत प्रोफेसर पद के लिए फिरोज खान के आवेदन का है तो यह उनका निजी विषय है, और अगर प्रशासन उनकी नियुक्ति करता है तो यह प्रशासन का विषय है। लेकिन संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में..."
67 वर्षीय पाक पीएम के इस बयान पर लोगों ने उनका मज़ाक बनाया। पत्रकार नायला इनायत ने पूछा कि इतनी उम्र और अनुभव होने के बावजूद इमरान ख़ान ने ब्लड प्लेटलेट्स के बारे में नहीं सुना है। यह अजीब है।
"मुझे पता है कि 10-11 विधायक अजित पवार के साथ हैं। लेकिन बागी विधायकों को मेरी चेतावनी है। मैंने अपने भतीजे अजित के फ़ैसले का समर्थन नहीं किया है। अगर विधायक उससे हाथ मिलाते हैं तो उन्हें दल-बदल विरोधी क़ानून याद रखना चाहिए। वे अपनी सदस्यता खो सकते हैं।"
संजय राउत ने कहा कि वो धनंजय मुंडे के संपर्क में हैं। साथ ही उन्होंने अजित पवार के वापस आने की भी संभावना जताई है। उनका कहना है कि अजित पवार को ब्लैकमेल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कौन है, इसका खुलासा जल्द ही सामना अखबार में किया जाएगा।