"अगर दिग्विजय सिंह को इसी तरह की बयानबाजी करनी है तो वह पाकिस्तान जाएँ और पाकिस्तानियों के साथ रहें। उनके बयानों को अब उनके घर वाले ही गंभीरता से नहीं लेते, उनके बयान अब उनके घर वाले ही नहीं सुनते।"
मणिपुर के चुराचंदपुर इलाके में ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट बाइक चलाते लोगों को न केवल हिदायत दी कि सभी सुरक्षा नियम जनता के लिए बनाए गए हैं। इसलिए वो उसका अनुसरण करें बल्कि उनको मिठाई और टॉफियाँ भी बाँटीं।
बैतूल से आईजी ऑफिस होशंगाबाद, होशंगाबाद से उन्हें पुलिस मुख्यालय, फिर बैतुल, इसके बाद सागर और छतरपुर से होते हुए भोपाल और फिर से बैतूल और उसके बाद लाइन हाज़िर। इसके बाद सारणी थाने का चार्ज लेने के एक सप्ताह के भीतर निवाड़ी जिले में ट्रान्सफर।
जितिन प्रसाद ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें जनसंख्या नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दे पर एकसाथ खड़े होना चाहिए। बता दें कि इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या का मुद्दा उठाया था।
ममता बनर्जी, अशोक गहलोत और कमलनाथ सरकार ने इस अधिनियम को लागू करने से मना कर दिया है। मध्य प्रदेश की सरकार का कहना है कि जुर्माने की राशि काफी अधिक है। केंद्र सरकार संशोधित एक्ट को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर चुकी है।
अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने उनके सिर पर लाठी से मारा और गालियाँ दी। सिंह ने कहा कि उनके आवास पर भी पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उनके सिर में 12 टाँके लगे हैं।
मुस्लिमों ने कहा कि श्रीराम उनके भी पूर्वज हैं और वे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण में हिस्सा लेना चाहते हैं। हवन में हिस्सा ले रहे मुस्लिमों ने साफ़ कर दिया कि अयोध्या श्रीराम की भूमि है। इस दौरान उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए।
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर दिखाई जा रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इन दो महिलाओं को भारतीय सेना ने बलात्कार के बाद मार दिया। अगस्त 30, 2019 को Twitter पर मोहम्मद हसन रजा ने यह तस्वीर #SaveKashmir हैशटैग के साथ ट्वीट की है।
इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने ट्वीट कर लिखा कि तिरंगा टीवी और बीटीवीआई का बंद होना बताता है कि मीडिया जगत के लिए यह कठिन परिस्थिति है। बीटीवीआई के पत्रकार आदित्य राज कौल ने लिखा कि हर यात्रा का एक अंत होता है और रात के अँधेरे के बाद ही नया सवेरा निकलता है।
आईएसआई अधिकारियों और मौलवियों ने बीते हफ्ते बलूचिस्तान और पाकिस्तानी पंजाब के इलाकों का दौरा किया है। इसका मकसद आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए नए लड़कों की बहाली करना है।