गिरफ्तार किया गया मौलाना खैम रिज्वी तहरीक-लब्बैक नाम के संगठन से जुड़ा है। किले की देखरेख करने वाली अर्ध सरकारी संगठन वर्ल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी ने बकरीद के बाद प्रतिमा ठीक कराने की बात कही है।
पीड़ित के अनुसार, "15-वर्षीय आरोपित लड़का मुझे एक कमरे में ले गया। वहाँ पहले मेरे साथ मारपीट की, और बाद में बलात्कार किया।" इस घटना की FIR तब कराई गई जब दिल्ली के रहने वाले छठी कक्षा के पीड़ित छात्र ने अपने माँ-बाप को इस बारे में बताया।
पुलिस को चकमा दे स्वामी राज्यसभा में पहुँच चुके थे। सभापति बीडी जत्ती पिछले सत्र में मृत हुए सदस्यों की सूची पढ़ रहे थे। उनके खत्म करने से पहले ही स्वामी ने टोका, "सर, इस सूची में एक और नाम है। इन सत्रों के बीच लोकतंत्र भी मर गया है। इसलिए उसका नाम भी आपको शामिल करना चाहिए।"
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पाकिस्तान को कुछ सूझ ही नहीं रहा है। वह ऐसे फैसले ले रहा है, जो आत्मघाती साबित हो रहे हैं। सिर्फ सामरिक ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर लिए फैसले भी पाकिस्तान को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
डोवाल का बकरीद के ठीक पहले लगभग 98% मुस्लिम जनसंख्या वाले अनंतनाग जाना न केवल सीमा-पार से हिंसा भड़काने वालों बल्कि स्थानीय जिहादियों और कट्टरपंथियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि सरकार संवेदनशील इलाकों को सीधे 'हैंडल' कर रही है।
कुजूर का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल इस साल जून में समाप्त हुआ था। पार्टी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है, “मैं तुरंत प्रभाव से पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूंँ। यह पूरी तरह मेरा निजी फ़ैसला है।”
अलगाववादी संगठन ने भारत के संविधान के प्रति आस्था जताई। संगठन के नेताओं ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुलाकात की। NLFT-SD के सभी उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने की बात कहते हुए हथियार छोड़ने का संकल्प लिया।
बबीता फोगाट ने कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिसमें हमारी बहन-बेटियों के बारे में गलत बोला गया हो मेरी मीडिया से प्रार्थना है कि उनके बयान को गलत तरीके से जनता के सामने पेश ना करें।”
पुलिस ने वाराणसी से दबोचे गए बदमाशों के पास से पिस्टल, ज़िंदा कारतूस और तमंचे बरामद किए हैं। बदमाशों ने बताया है कि वे बीजेपी विधायक सुशील सिंह की हत्या की फिराक में थे।
नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज किए गए मामले में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट और आज़म ख़ान को फ़ायदा पहुँचाने के लिए दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा आज़म ख़ान पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर दो मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं।