फैज़ान ने जिस क्षेत्र में यह हरकत की, वहाँ ट्रैफिक भी अधिक रहता है और लोगों की भीड़ भी होती है। फैज़ान ने भीड़भाड़ वाले बाजार में हवाई फायरिंग की। फिलहाल, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है।
बच्ची का अपहरण उस समय हुआ जब वो रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे खेल रही थी। पुलिस ने बताया कि वो नाबालिग बच्ची को मेडिकल जाँच के लिए भेज रहे हैं जिससे यह पता चल सके कि शेख ने कहीं उसका यौन उत्पीड़न तो नहीं किया।
तिहाड़ के प्रवक्ता AIG राज कुमार ने कहा कि इस संबंध में शिक़ायत दर्ज होने के बाद उन्होंने जाँच का आदेश दिया। जेल अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों, जिन्होंने कथित रूप से मिलने की सुविधा प्रदान की उनसे पूछताछ जारी है।
बाउंसरों ने न सिर्फ़ विमल के साथ मारपीट की बल्कि 14,600 रुपए भी माँगे। इस घटना में बड़ा मोड़ तब आया जब शनिवार की सुबह वह यमुना पुल पर बेहोशी की हालत में मिला। बाद में उसकी मौत हो गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड पर पहुँचे थे कि तभी वहाँ मौजूद कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने उनका सम्मान करने की कोशिश की। लेकिन जैसी ही कार्यकर्ताओं को देखकर स्वतंत्र देव सिंह गाड़ी से उतरने लगे, तभी उनकी दाहिने हाथ की छोटी उँगली कटकर हाथ से अलग हो गई।
NDTV खुद अपने अलावा और किसी को यह धोखा नहीं दे रहा कि ऐसे संदिग्ध संस्थान से कोई अवॉर्ड लेकर और उसपर इतरा कर उसने अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को वापिस हासिल कर लिया है।
पाकिस्तान की समस्या यह है कि उसका दम्भ भी भीख पर टिका हुआ है और अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने उसके कटोरे में सिक्के डालने से मना कर दिया है। अब पाकिस्तान उस कटोरे को बेच कर नान और टिमाटर का जुगाड़ कर सकता है, लेकिन भारत से युद्ध की सोचने पर भी, उसकी हालत यह होगी कि वहाँ की जनता भारत के बमों से नहीं, भूख से मर जाएगी।
इनकी मूर्खता आप देखिए कि खुद खाने के लाले पड़े हैं और चाहते हैं कि कश्मीर ले कर उन्हें भी अपने जैसा बना देंगे। यही तो खिलाफत है कि खलीफा के शासन में सारे लोग सिर्फ इसलिए खुश रहें कि अब तो हम इस्लामी खिलाफत में हैं और शरिया कानून है यहाँ। वो रुक कर ये तक नहीं सोचते कि ऐसे शासन में उनका जीवन स्तर क्या होगा?
सीएम रघुवर दास ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसके लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को धन्यवाद दिया और साथ ही कहा कि एक बहन के लिए इससे बड़ा तोहफा नहीं हो सकता।
पीरजादा ने कहा, "मुझे आशा है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद कश्मीरी जनता अगर भारतीय सत्ता के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरती है तो पाकिस्तानी फौज जमीन पर जाकर उनकी मदद करेगी।"