यह जानना आवश्यक है कि जिस पर आज फैसला सुनाया गया, वह अयोध्या में 2005 में हुआ आतंकी हमला था, जबकि बाबरी विध्वंस एक जगह पर विवाद के फलस्वरूप जन्मी घटना थी।
मृतक की पहचान आनंद पाल के तौर पर हुई है। आनंद मंगलवार (जून 18, 2019) को नाटाबाड़ी इलाके में एक सुनसान जगह पर मृत पाया गया। भाजपा ने इस हत्या का आरोप सीधे सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लगाया है।
बढ़ती जनसंख्या पर आई यूएन की रिपोर्ट से चिंतित गिरिराज सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "बढ़ती जनसंख्या और उसके अनुपात में घटते संसाधन को कैसे झेल पाएगा हिंदुस्तान? जनसंख्या विस्फोट हर दृष्टिकोण से हिंदुस्तान के लिए खतरनाक।"
"मैं आपको बता नहीं सकता खुल के कि मैं किन समस्याओं का सामना कर रहा हूँ। मैं मुख्यमंत्री हूँ लेकिन मैं हर दिन जो दर्द सहता हूँ वह बाँट नहीं सकता। अगर मैं करूँगा (दर्द साझा) तो मुझ पर यह सवाल उठेगा कि मैं लोगों की समस्याएँ कैसे सुलझा रहा हूँ।"
...लेकिन 2019 के चुनावों के बाद से इन नमक-हराम मीडिया गिरोहों ने नेहरू को ऐसे निकाल फेंका है जैसे लोग चाय में से मक्खी को निकाल फेंकते हैं। मीडिया अब समझ गया है कि वो नेहरू को गन्ने की तरह गन्ने की मशीन में ठूँसकर जितना निचोड़ सकते थे, निचोड़ चुके हैं।
हिन्दू मंदिरों की ज़मीनों पर काफ़ी समय से यह फर्जीवाड़ा जारी है। 20124.08 एकड़ की मंदिरों की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा हुआ है। यह कब्ज़ा ऐसे होता है कि मंदिर की ज़मीन जिसे रियायती दरों पर किराए पर दी जाती है, वह उसका प्रयोग खुद न कर आगे दूसरों को ज़्यादा महंगे दामों पर किराए पर दे देते हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान कुल 63 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। इस पाँचों आरोपितों पर आतंकी हमले की साज़िश रचने और आतंकियों की मदद करने का मामला चलाया जा रहा था। कई बार इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी सुनवाई हुई।
2013 में BSP सांसद रहते हुए उन्होंने वंदे मातरम का बहिष्कार करने के लिए संसद से वॉकआउट किया था। इससे पहले बर्क ने 1997 में संसद के 50 साल पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में भी वंदे मातरम का बहिष्कार किया था।
वायरल वीडियो के चलते ट्विटर पर इस समय सानिया मिर्जा और पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक एक-दूसरे को जवाब देने में लगी हुई हैं। यह बात तब शुरू हुई जब वीना मलिक ने सानिया मिर्जा, उनके पति शोएब और बेटे के साथ जंक फूड खाते हुए वायरल वीडियो पर कमेंट किया।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे चौधरी केंद्र की मनमोहन सरकार में रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। 63 वर्षीय चौधरी 1999 में पहली बार बहरामपुर से सांसद चुने गए थे और उस समय से अभी तक वे लगातार इसी सीट से जीतते रहे हैं।