रमजान 5 मई से शुरू हो रहे हैं। इसके बाद 3 चरणों में 6, 12, 19 तारीख़ को चुनाव होने हैं। ऐसे में बढ़ती हुई गर्मी या चुनावी 'गर्मी' देख कर कुछ लोगों ने यह याचिका डाली है।
आतंकी संगठन ने पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के कुछ इलाकों में पोस्टर भी बाँटे हैं। साथ ही अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश की है। बाँटे गए पोस्टर्स पर लिखा है, "जल्द आ रहे हैं, इंशाअल्लाह।"
दीपक तलवार को भारतीय कम्पनी को नुकसान पहुँचाने के लिए ₹272 करोड़ रुपए मिले थे। उसके ख़िलाफ़ ईडी, सीबीआई और आईटी विभाग जाँच कर रहा है। जाँच एजेंसी ने कहा कि उसके पास प्रफुल्ल पटेल और दीपक तलवार के बीच ईमेल से हुई बातचीत के सबूत हैं।
आयोग ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। यदि राहुल गाँधी इस समय सीमा में जवाब नहीं देते हैं तो आयोग मामले पर अपनी तरफ़ से कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
4 मई को बच्ची का जन्मदिन था और उसके लिए ज़ोर-शोर से तैयारियाँ चल रही थीं। केक और कपड़ों तक के ऑर्डर दे दिए गए थे। बलात्कारी ने बताया कि उसने बदनामी के डर से लड़की को मार दिया। उसने शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर 2 भारी और बड़े पत्थर भी रख दिए।
जीटी देवगौड़ा ने कहा कि उनके और सिद्दारमैया की अपील के बावजूद जेडीएस कार्यकर्ताओं ने उदपुर सीट पर भाजपा को वोट दिया। उनके अनुसार गठबंधन में देरी भी हुई और गठबंधन धर्म को ठीक से नहीं निभाया गया, इससे कार्यकर्ताओं में सही संकेत नहीं गया।
माओवादी कहीं ना कहीं अब ये बात जान और समझ गए हैं कि 'जल-जंगल-जमीन' का उनका नारा अब प्रासंगिक नहीं रहा है। इनके पोषक ये बात अच्छे से जानते है कि यदि अब यह 3 मुद्दे ही प्रासंगिक नहीं रहे, तो अब माओवंशी किस तरह से अपना अभियान आगे बढ़ाएँ? लोगों के बीच डर पैदा कर के ही ये आतंकवादी संगठन अब प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं।
पंडित नेहरू जब प्रधानमंत्री थे। तब कुम्भ में भगदड़ मच गई थी। हजारों लोग कुचल के मारे गए थे। लेकिन सरकार की लाज बचाने के लिए, पंडित नेहरू पर कोई दाग न लग जाए, इसके लिए खबरें दबा दी गईं। कुछ अखबारों में कोने में खबर छिपा दी गई। इसमें पीड़ितों को भी कुछ नहीं दिया गया। ऐसा पाप देश के पहले प्रधानमंत्री के काल में हुआ।
किसी 'इंतकाम' को पूरा करने के लिए डॉक्टर ने सैंकड़ों मरीजों को संक्रमित सूई से इंजेक्शन लगाया है। इस वहशियाना हरकत का मंजर ये है कि अब तक 25 बच्चों के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चों की उम्र 4 महीने से 8 साल के बीच है।