पहले तथाकथित प्रदर्शनकारी विरोध स्थलों पर मसाज पार्लरों और जिम के साथ अपने विरोध को आगे बढ़ा रहे थे। वहीं अब इन 'किसानों' ने सार्वजनिक सड़कों को पिकनिक स्पॉट में बदल दिया है।
सोनिया गाँधी के जन्मदिन और भ्रष्टाचार विरोधी दिवस जैसे 'विरोधाभासी अवसर' पर सोशल मीडिया यूजर्स ने कॉन्ग्रेस को उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ होने का इतिहास याद दिलाने की जिम्मेदारी ली है।