Friday, December 3, 2021
Homeसोशल ट्रेंडबंगाल चुनाव: लिब्रांडू ब्रीड कर रहा ईंट मारने की बात; लोगों ने सिर पर...

बंगाल चुनाव: लिब्रांडू ब्रीड कर रहा ईंट मारने की बात; लोगों ने सिर पर मारने की दी प्रतिक्रिया

“वही ईंट तेरी खोपड़ी खोलने के लिए भी इस्तेमाल हो सकती है गंजे" ...से लेकर गाली लिखते हुए सोशल मीडिया पर इन तथाकथित लिबरलों को उन्हीं की भाषा में दिया जा रहा जवाब

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लिबरल गिरोह के मशहूर बुजुर्ग कॉमेडियन अतुल खत्री और शिवसेना नेता प्रीतिश नंदी ट्विटर पर ह्यूमर के नाम पर घृणा फैलाते पाए गए। उनकी ऐसी हरकत को देख यूजर्स ने भी उन दोनों की उम्र का कोई लिहाज नहीं किया और उन्हें उनकी भाषा में ही लताड़ लगाई।

दरअसल, दो दिन पहले अतुल खत्री ने अपने ट्विटर पर लिखा था, “पश्चिम बंगाल के प्यारे लोगों, प्लीज अपने राज्य में एंटर होने जा रहे शक्तिशाली घातक वायरस से अवगत हो जाएँ।” जिस पर प्रीतिश नंदा ने आज टिप्पणी करते हुए लिखा, “बंगाल अपनी वैक्सीन के साथ तैयार है। रबीन्द्र संगीत और ईंट। डबल डोज।”

यहाँ बता दें कि अतुल खत्री ने अपने ट्वीट में बंगाल में वायरस के नाम पर बीजेपी को घेरने का प्रयास किया था और प्रीतिश नंदी ने अभी हाल में भाजपा के काफिले पर हुए हमले का मखौल उड़ाते हुए उसकी तुलना वैक्सीन से की थी।

इसी घटिया तंज के बदले यूजर्स ने इन्हें जम कर लताड़ा। आकाश यादव ने लिखा, “वही ईंट तेरी खोपड़ी खोलने के लिए भी इस्तेमाल हो सकती है गंजे।” ऐसी ही पीसी नाम के ट्विटर यूजर ने ऊपर की तस्वीर वाली बात लिखी।

एक यूजर ने इस बात पर गौर करवाया कि वरिष्ठ लिबरल नंदी बंगाल को हिंसा के लिए भड़का रहे हैं। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि तो इन लोगों ने राज्य द्वारा स्पॉन्सर हिंसा को अप्रूव कर दिया है, जिसे पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र बचाने के नाम पर अंजाम दिया जाता है।

अजीत दत्ता लिखते हैं, “ईंटें! समय बताएगा। बंगाल चुनाव में कई बुद्धिजीवी अपने नक्सल चरित्र के साथ सामने आएँगे, खुद का असली रंग दिखाएँगे।”

गौरतलब है कि बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने वाले है। ऐसे में वहाँ राजनैतिक हिंसा का सिलसिला शुरू हो रखा है। अभी बीते दिनों भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर ईंट-पत्थर से हमला बोला गया था। उससे पहले सिलीगुड़ी में तेजस्वी सूर्या के मार्च पर हमला हुआ था, उसमें एक भाजपा कार्यकर्ता की जान गई थी। इसके अलावा बंगाल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के काफिले पर भी पत्थरबाजी हुई थी। फिर हाल में बीजेपी नेता कबीस बोल की कार पर भी हमले की घटना सामने आई थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सियासत होय जब ‘हिंसा’ की, उद्योग-धंधा कहाँ से होय: क्या अडानी-ममता मुलाकात से ही बदल जाएगा बंगाल में निवेश का माहौल

एक उद्योगपति और मुख्यमंत्री की मुलाकात आम बात है। पर जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हों और उद्योगपति गौतम अडानी तो उसे आम कैसे कहा जा सकता?

पाकिस्तानी मूल की ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर मेहरीन फारुकी से मिलिए, सुनिए उनकी हिंदू घृणा- जानिए PM मोदी से उनको कितनी नफरत

मेहरीन फारूकी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के अच्छे दोस्त PM नरेंद्र मोदी को घेरने के बहाने संघीय सीनेट में घृणा के स्तर तक उतर आईं।

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
63,263FollowersFollow
141,299FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe

प्रचलित ख़बरें