Homeसोशल ट्रेंडअदनान सामी ने पाकिस्तानी ट्रोल को किया सरेंडर, कहा- मेरे गाने नहीं सुने... आतंक...

अदनान सामी ने पाकिस्तानी ट्रोल को किया सरेंडर, कहा- मेरे गाने नहीं सुने… आतंक मत फैलाओ

पाकिस्तानी ट्रोल के ट्वीट का जवाब देते हुए भारतीय गायक ने लिखा, “मैं हमेशा प्रेम को ही बढ़ावा देता हूँ। क्या आपने मेरे गाने नहीं सुने? बल्कि आप लोगों को शांति फैलाने पर ध्यान देने की ज़रूरत है ना कि आतंकवाद!”

बीते 16 दिसंबर 2020 को पूरे देश ने 50वाँ विजय दिवस मनाया। इस मौके पर देश और दुनिया के तमाम लोगों ने भारतीय सेना की प्रशंसा करते हुए बधाई दी। यह दिन जितना भारतीय सेना की जीत के लिए मशहूर है, उतना ही पाकिस्तानी सेना की हार के लिए भी। इस बात का उल्लेख करते हुए मशहूर गायक अदनान सामी ने अपने ट्वीट में भारतीय सेना का वीडियो साझा किया। इस वीडियो पर एक पाकिस्तानी ट्रोल ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन गायक ने ट्रोल को ऐसा जवाब दिया कि उसकी बोलती बंद हो गई।

दरअसल ‘विजय दिवस’ के मौके पर भारतीय भारतीय सेना ने सशस्त्र बलों का शौर्य दर्शाने वाला एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अदनान सामी ने उर्दू शायर की पंक्तियाँ लिखी, “मुझे सब याद है ज़रा-ज़रा, तुम्हें याद हो कि न याद हो।” इन पंक्तियों के अलावा उन्होंने अपने ट्वीट में विजय दिवस की जगह ‘पाक सरेंडर डे’ (पाकिस्तान के आत्मसमर्पण का दिन) लिखा था। 

इस दिन युद्ध में दिखाए गए भारतीय सेना के पराक्रम की वजह से लगभग 93 हज़ार पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। इतना ही नहीं अदनान सामी ने अपने ट्वीट में पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना के हाथों मिली इस शिकस्त के लिए ‘रियलिटी चेक’ (हैशटैग) भी लिखा था। उल्लेखनीय है कि मशहूर भारतीय गायक अदनान सामी के पिता पाकिस्तानी वायु सेना का हिस्सा थे।     

इस बात पर एक पाकिस्तानी ट्रोल ने अदनान सामी को नसीहत देते हुए लिखा- प्यार फैलाने की कोशिश करो (Try to spread love)। 

पाकिस्तानी ट्रोल के ट्वीट का जवाब देते हुए भारतीय गायक ने लिखा, “मैं हमेशा प्रेम को ही बढ़ावा देता हूँ। क्या आपने मेरे गाने नहीं सुने? बल्कि आप लोगों को शांति फैलाने पर ध्यान देने की ज़रूरत है ना कि आतंकवाद!”

16 दिसंबर 2020 को विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत देश के तमाम मंत्रियों ने भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की सराहना की थी। विजय दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के प्रतीक चिह्न का अनावरण किया था।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कहीं लहराई तलवारें, कहीं चाकू गोदकर ले ली जान तो कहीं AK-47 दिखा फैलाई दहशत: मुहर्रम पर कई राज्यों में इस्लामी कट्टरपंथियों ने की...

देश के अलग-अलग हिस्सों से मुहर्रम के दौरान विवाद, झड़प और हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं। कहीं युवक की हत्या की गई को कहीं पुलिस पर हमला।

लड़कियों को फँसाओ, निकाह से पहले प्रेग्नेंट करो और बच्चा ले लो… क्या है ‘जिहाद अल-अकबर’, जिसके जरिए हिंदू महिलाओं के धर्मांतरण की साजिश...

पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी आकाओं ने 'जिहाद अल अकबर' से एक खास एजेंडा तैयार किया है। बड़े पैमाने पर हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण करवाना है।
- विज्ञापन -