कई शिकायतों के बाद भी जब फारूकी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उसकी हिम्मत और बढ़ गई। नतीजतन ये दोबारा यूट्यूब पर आया और इस बार एक नए अंदाज में उन लोगों का मजाक बनाया जो उसके ख़िलाफ़ थे।
वामपंथियों के पाखंड और दोहरे रवैये का अंदाजा इस बात से भी लग सकता है कि उन्हें यह तिरुपति वायरस का ट्रेंड चलाने में इतनी उत्सुकता है कि वह वास्तविक जानकारी भी नहीं जानना चाहते।
फेसबुक-ट्विटर नवीन के खिलाफ किए गए पोस्ट और टिप्पणियों से भरे हुए हैं। 'शांतिपूर्ण समुदाय' के लोग उत्तेजक और आक्रामक भाषा में उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।