वामपंथियों के पाखंड और दोहरे रवैये का अंदाजा इस बात से भी लग सकता है कि उन्हें यह तिरुपति वायरस का ट्रेंड चलाने में इतनी उत्सुकता है कि वह वास्तविक जानकारी भी नहीं जानना चाहते।
फेसबुक-ट्विटर नवीन के खिलाफ किए गए पोस्ट और टिप्पणियों से भरे हुए हैं। 'शांतिपूर्ण समुदाय' के लोग उत्तेजक और आक्रामक भाषा में उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “राजदीप, आप मुझे कहाँ ले जाना चाहते हो? मैं पहले से ही गर्त में हूँ।” उन्होंने पूरे मामले पर 'धर्मनिरपेक्ष दलों' को भी उनकी चुप्पी के लिए जमकर फटकार लगाई।