Friday, April 19, 2024
Homeफ़ैक्ट चेक‘फ़ेक न्यूज़’ फैलाकर हिंदुओं को अपमानित करने वाली संस्था के समर्थन में कॉन्ग्रेस

‘फ़ेक न्यूज़’ फैलाकर हिंदुओं को अपमानित करने वाली संस्था के समर्थन में कॉन्ग्रेस

राजनीति के बदलते परिवेश को समझ पाना कभी-कभी मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव सा प्रतीत होता है जब कॉन्ग्रेस द्वारा अपनाए गए इस तरह के रुख़ से जनता अनभिज्ञ होती है।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से, हेट क्राइम वॉच (HCW) द्वारा फैलाए गए हिंदू विरोधी प्रचार का समर्थन करने का फ़ैसला किया है। यह ‘अमन बिरादरी’ और NewsClick.in के सहयोग से, IndiaSpend के FactChecker.in का एक बहु-संगठित प्रयास है।

आपको बता दें कि IndiaSpend के संस्थापक न्यासी, factchecker.in का मूल संगठन, अब कॉन्ग्रेस पार्टी के डेटा एनालिटिक्स के मुखिया हैं।

प्रशांत पुजारी, डॉ. नारंग और अंकित सक्सेना आदि मामलों पर कॉन्ग्रेस की चुप्पी इस बात की ओर इशारा करती है कि वह हिन्दू पीड़ितों को एक सिरे से नज़रअंदाज़ करती आई है, वहीं दूसरी तरफ उन अपराधों को उजागर करती है जहाँ समुदाय विशेष पीड़ित के रूप में हो।

अपराध का कोई धर्म और जाति नहीं होती लेकिन फिर भी धर्म के आधार पर राजनीति करना कॉन्ग्रेस की पुरानी आदत है। इस पुरानी आदत में हमेशा से ही हिंदुओं को आक्रामक और मजहब विशेष को पीड़ित के रूप में चित्रित करना शामिल रहा है।

जानकारी के मुताबिक़, जब एक परिवार के विवाद में मुस्लिम समूह द्वारा दलित कठेरिया की हत्या कर दी गई थी तब factchecker.in के द्वारा डेटा में हेरफेर किये जाने की बात सामने आई थी। ऐसे मामले एक नहीं, बल्कि अनेकों हैं जो किसी भी मायने में राजनीति के सही पक्ष को नहीं दर्शाता।

वहीं जब एक मंदिर के पास मछली पकड़ने के लिए एक अज़हर ख़ान की हत्या कर दी गई, तो इसे एक धार्मिक घृणित अपराध का रूप दे दिया गया। इस घटना में ऐसे कोई साक्ष्य नहीं थे जो इसे धार्मिक अपराध बनाते थे, बावजूद इसके इसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। इसके अलावा ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहाँ factchecker.in इस तरह के कदाचार में लिप्त रही है।

एचसीडब्ल्यू ने दावा किया था कि साल 2018 के दशक में सबसे अधिक धार्मिक घृणित अपराध हुए हैं। इस भ्रमित कर देने वाले डेटा के आधार पर ऐसे दूरगामी निष्कर्ष तक पहुँचना उनके लिए अपमानजनक बात है, जिन्होंने सम्पूर्ण जानकारी ना देने की मानो क़सम ही खाई हो।

स्वराज्य पत्रिका की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने इस बाबत एचसीडब्ल्यू को आड़े हाथों लेते हुए अपनी आपत्ति जताई। गोयल शर्मा ने हिंदुओं को आक्रामक और मुस्लिमों को पीड़ित पक्ष के रूप में चित्रित करने से संबंधित डेटा में हेरफेर करने के तरीके का बड़े स्तर पर पर्दाफ़ाश किया।

धार्मिक आचरण से परे इस तरह के समीकरण जब निकलकर सामने आते हैं, तो इन्हें हल करना आम जनता के लिए दुविधा का कारण बन जाता है। राजनीति के बदलते परिवेश को समझ पाना कभी-कभी मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव-सा प्रतीत होता है जब कॉन्ग्रेस द्वारा अपनाए गए इस तरह के रुख़ से जनता अनभिज्ञ होती है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल में मतदान से पहले CRPF जवान की मौत, सिर पर चोट के बाद बेहोश मिले: PM मोदी ने की वोटिंग का रिकॉर्ड बनाने...

बाथरूम में CRPF जवान लोगों को अचेत स्थिति में मिला, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जाँच-पड़ताल जारी।

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में 21 राज्य-केंद्रशासित प्रदेशों के 102 सीटों पर मतदान: 8 केंद्रीय मंत्री, 2 Ex CM और एक पूर्व...

लोकसभा चुनाव 2024 में शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) को पहले चरण के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 संसदीय सीटों पर मतदान होगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe