Tuesday, October 26, 2021
Homeफ़ैक्ट चेक1 नंबर की झूठी और धूर्त है शबाना: नवरात्रि पर हिंदू देवी-देवताओं के नाम...

1 नंबर की झूठी और धूर्त है शबाना: नवरात्रि पर हिंदू देवी-देवताओं के नाम का सहारा लेकर उड़ाया था मजाक

अनुवाद करने वाले ने 'lets pray' की जगह 'अल्लाह से दुआ' का इस्तेमाल किया। बाकी सभी बातें (शब्दशः) शबाना ने अपने 2017 के ट्वीट में कही थी। इसलिए शबाना का यह सफाई देना कि 'I have NEVER said this' - एक झूठ नहीं बल्कि महाझूठ है।

छद्म धर्मनिरपेक्षता की झंडाबरदार, स्वघोषित ‘निष्पक्ष’ वामपंथी ‘बौद्धिक’ शबाना आज़मी, का आज फिर से एक नया पाखंड सामने आया है। ये पहली बार नहीं है जब शबाना या उनके पति जावेद अख्तर का हिन्दुओं की भावना आहत करने वाला कोई कारनामा बाहर आया हो, ऐसा पहले भी हो चुका है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक इन्फोग्राफिक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, शबाना ने लिखा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा।

वायरल उद्धरण में लिखा है कि इस नवरात्रि, मैं अल्लाह से दुआ करती हूँ कि लक्ष्मी को भीख न माँगना पड़े, कोई दुर्गा गर्भ में न मरे, न पार्वती को दहेज देना पड़े, न सरस्वती को शिक्षा से वंचित किया जाए और न ही किसी काली को ‘फेयर एंड लवली’ की ज़रूरत पड़े। इंशाल्लाह!

मजेदार बात यह कि शबाना आज़मी ने अपनी ‘लिबरल’ साख को ठेस पहुँचाकर साम्प्रदायिक रंग देने के लिए ‘ट्रोल्स’ को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि फर्जी उद्धरण के साथ चुनाव में ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है।

हालाँकि, शबाना को जल्द ही पता चल गया कि सोशल मीडिया के दौर में झूठ बोलकर बच निकलना थोड़ा मुश्किल है। खास तौर पर तब जब यह एक पुराने ‘हिंदूफोबिक’ पोस्ट के बारे में हो।

सोशल मीडिया यूजर ने उन्हें जल्द ही यह बता दिया कि यद्यपि उद्धरण में ‘अल्लाह’ शब्द का गलत इस्तेमाल किया गया था, लेकिन शबाना ने वास्तव में 2017 में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर बिलकुल ऐसा ही पोस्ट किया था।

शबाना ने ट्वीट किया था, ”इस दुर्गा अष्टमी, आइए हम प्रार्थना करें कि किसी दुर्गा का गर्भपात न हो, किसी भी सरस्वती को स्कूल जाने से न रोका जाए, किसी लक्ष्मी को पति से भीख नहीं माँगनी पड़े, किसी भी पार्वती को दहेज के लिए बलि नहीं दी जाए और न ही किसी काली को फेयरनेस क्रीम के ट्यूब की ज़रूरत पड़े।” बता दें कि 29 सितंबर, 2017 को यह ट्वीट किया गया था।

ट्विटर पर कई लोगों ने शबाना को कायदे से याद दिलाते हुए कहा कि याद करिए आपने कब ऐसा ही ट्वीट पोस्ट किया था, जो महिला सशक्तिकरण की आड़ में हिंदू विश्वास पर घृणित हमला करने की एक बेहूदी कोशिश थी। यह हमला शबाना ने हिंदू देवी-देवताओं के नामों का उपयोग करते हुए नवरात्रि के दुर्गा अष्टमी के अवसर पर बड़ी धूर्तता के साथ हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाया था।

जब शबाना ने ट्वीट किया था, तो कई लोगों ने उन्हें तब भी ध्यान दिलाया था कि आपने मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और उत्पीड़न को तो इसमें शामिल नहीं किया और आम सामाजिक बुराइयों के लिए सिर्फ हिंदुओं को शर्मसार करने का प्रयास किया। आप इतना पाखण्ड कर कैसे लेती हैं?

हमने फैक्ट चेक में पाया कि यह बात सही है कि नवरात्रि पर शबाना के स्टेटमेंट में अल्लाह और इंशाल्लाह शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। शबाना के ट्वीट का अनुवाद करके इंफोग्राफिक बनाने वाले ने ‘lets pray’ से यह निहितार्थ निकाला था और प्रार्थना की जगह ‘अल्लाह से दुआ’ का इस्तेमाल किया था। बाकी सभी बातें (शब्दशः) शबाना ने अपने 2017 के ट्वीट में कही थी। इसलिए शबाना का यह सफाई देना कि ‘I have NEVER said this’ – एक झूठ नहीं बल्कि महाझूठ है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में नॉन-हलाल रेस्तराँ खोलने वाली महिला को बेरहमी से पीटा, दूसरी ब्रांच खोलने के खिलाफ इस्लामवादी दे रहे थे धमकी

ट्विटर यूजर के अनुसार, बदमाशों के खिलाफ आत्मरक्षा में रेस्तराँ कर्मचारियों द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद केरल पुलिस तुशारा की तलाश कर रही है।

असम: CM सरमा ने किनारे किया दीवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध का आदेश, कहा – जनभावनाओं के हिसाब से होगा फैसला

असम में दीवाली के मौके पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया गया था। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि ये आदेश बदलेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
131,783FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe