Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेक70000 रुपए प्रधानमंत्री पेंशन योजना 2020 में मिल रहा है... बस करना होगा एक...

70000 रुपए प्रधानमंत्री पेंशन योजना 2020 में मिल रहा है… बस करना होगा एक काम: जानें इस मैसेज के पीछे की पूरी सच्चाई

एक क्लिक और डिटेल्स के आधार पर प्रधानमंत्री पेंशन योजना 2020 के तहत 70000 रुपए लेने के लिए योग्य हैं आप। यह मैसेज कई लोगों के पास गया है। अगर आपके पास भी यह मैसेज आया है तो जानें इसके पीछे की सच्चाई।

केंद्र सरकार के नाम पर फर्जी न्यूज फैला कर धोखाधड़ी करने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इसी क्रम में हाल में कई लोगों को एक मैसेज भेजा गया। इस संदेश में कहा गया कि वह प्रधानमंत्री पेंशन योजना 2020 के तहत 70000 रुपए लेने के लिए योग्य हैं। बस उन्हें एक लिंक पर क्लिक करके अपनी डिटेल्स वेरीफाई करनी है।

हम सब जानते हैं कि इस तरह ऑनलाइन स्कैम आज कल कितने चल रहे है जहाँ एक क्लिक और डिटेल्स के आधार पर साइबर क्राइम को अंजाम दिया जाता है। ऐसे में जब पीआईबी को इस संदेश की सूचना हुई तो उन्होंने इसका फैक्ट चेक करके पुष्टि की। स्पष्ट किया गया कि ये संदेश पूरी तरह फर्जी है और ऐसी कोई स्कीम सरकार नहीं चला रही।

पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, “एक टेक्स्ट मैसेज में जो दावा किया जा रहा है कि पीएम पेंशन योजना 2020 के तहत योग्यता कन्फर्म हो गई है। वो पूरी तरह फेक है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई स्कीम नहीं चलाई जा रही।”

दूरदर्शन ने भी इस बात को कहा कि सरकार ने ऐसे संदेश को खारिज किया है, जिसमें 70000 रुपए प्रधानमंत्री पेशन योजना 2020 के तहत देने का वादा हो रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले सरकार को लेकर झूठ फैलाया जा रहा था कि उन्होंने किसान आंदोलन को दबाने के लिए जैमर लगा दिए हैं जबकि हकीकत में केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया था। वो दावा पूर्ण रूप से फर्जी था। इसकी पुष्टि भी पीआईबी ने फैक्ट चेक में की थी।

ऐसे ही सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार को नकारात्मक दिखाने के लिए वीडियो में कहा गया था कि दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए, सेना को बुलाया गया है। हालाँकि एजेंसी ने इस झूठ की भी पोल खोली और बताया कि दावा गलत है। यह सैनिकों की नियमित आवाजाही का एक वीडियो था और किसान प्रदर्शन के साथ इसका कोई भी सम्बन्ध दुर्भावनापूर्ण और गलत है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -