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‘आडवाणी ने कहा- राहुल गाँधी भारतीय राजनीति के नायक’: रामरथी के नाम का सहारा लेकर झूठ फैला रहे ‘राम द्रोही’, जानिए क्या है सच

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख ने कहा पूर्व उप-प्रधानमंत्री आडवाणी ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं है। अगर उन्हें कुछ कहना होगा तो उसे भाजपा खुद रिलीज करेगी या फिर उनके करीबी दीपक चोपड़ा उसे रिलीज करेंगे।

लोकसभा चुनावों के बीच कॉन्ग्रेस फर्जी सूचनाओं के जरिए अपना प्रचार करने में लगी है। इस बीच राहुल गाँधी की छवि निर्माण के लिए कुछ दिन पहले एक पोस्ट वायरल की गई। इस पोस्ट में कहा गया है कि भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि राहुल गाँधी भारतीय राजनीति के नायक हैं। अब कॉन्ग्रेसी इसी पोस्ट को शेयर कर करके अपना एजेंडा चला रहे हैं, लेकिन सवाल है कि क्या वाकई भाजपा के दिग्गज नेता ने ऐसी कोई बात कही है या कॉन्ग्रेस की अन्य बातों की तरह ये भी निराधार दावा है।

वायरल होते पोस्ट में देख सकते हैं कि शीर्षक के तौर पर लिखा- “राहुल गाँधी भारतीय राजनीति का नायक है : लालकृष्ण आडवाणी।” इसके बाद पोस्ट में 7 मई, 2024 की तारीख डालकर लिखा गया है,

“देश के पूर्व गृहमंत्री भारतरत्न लाल कृष्ण आडवाणी ने राहुल गाँधी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। आडवाणी ने कहा है कि भले ही मैं भाजपा से हूँ, लेकिन मैं आज भारत देश के समाज सेवक के रूप में भारतीय जनता को ये कहना चाहता हूँ कि राहुल गाँधी ही एक ऐसे इंसान हैं जो भारत देश को एक अच्छा राष्ट्र बना सकते हैं, क्योंकि उनमें वह निर्णय लेने की क्षमता है जो भारत देश के देशवासियों को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। मैंने भी देश के लिए एक गृहमंत्री के रूप में सेवा की है, लेकिन मैंने कभी भी राजनीति में राहुल गाँधी जैसा प्रभावशाली नेता नहीं देखा।

लालकृष्ण आडवाणी का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब आज तीसरे चरण का चुनाव चल रहा है। उनके बयान को महत्वपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है कि अभी हाल ही में उन्हें मोदी सरकार की ओर से भारत रत्न दिया गया है ऐसे में राहुल गाँधी की तारीफ करके लाल कृष्ण आडवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।”

अब जैसा कि समझा जा सकता है चुनाव के समय में इतने बड़े बयान के महत्व क्या हो सकते हैं और इससे कितनी खलबली मच सकती है, लेकिन मीडिया में चेक करने पर पता चलता है कि किसी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसे कवर नहीं किया है। उलटा इस पोस्ट की प्रमाणिकता पर जगह-जगह सवाल उठे हैं।

इस पोस्ट को अवधभूमि न्यूज ने अपनी साइट पर बिन किसी सोर्स के पब्लिश किया था। साथ में डिस्क्लेमर में ये भी कहा था कि वो इस पोस्ट की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते। बाद में पोस्ट वायरल हुआ तो इस लेख को वहाँ से हटा दिया गया, लेकिन कॉन्ग्रेस के लोग इसे साझा करते रहे।

वहीं एबीपी न्यूज बताता है कि जब उन्होंने इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख से बात की तो पता चला कि पूर्व उप-प्रधानमंत्री आडवाणी ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं है। अगर उन्हें कुछ कहना होगा तो उसे भाजपा खुद रिलीज करेगी या फिर उनके करीबी दीपक चोपड़ा उसे रिलीज करेंगे। कॉन्ग्रेस नहीं। कॉन्ग्रेस सिर्फ तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है, जो विफल हो रहे हैं। उसका जवाब लोग मतदान के जरिए देंगे।

वहीं आडवाणी के करीबी और उनके पुराने सहयोगी दीपक चोपड़ा ने तो साफ कहा, “लालकृष्ण आडवाणी ने ऐसी कोई बात नहीं की है। न तो उन्होंने अभी ऐसा कोई बयान दिया है और न ही कभी पहले दिया है।”

गौरतलब है कि लाल कृष्ण आडवाणी लंबे समय से सार्वजनिक तौर पर नजर भी नहीं आए हैं। न ही लंबे अरसे से वे मीडिया से बात करते दिखे हैं। स्वास्थ्य और उम्र के कारण वे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। यहाँ तक कि ‘भारत रत्न’ से उनको सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति भी खुद उनके घर तक गईं थी।

ऐसे में निष्कर्ष तो यही निकलता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने ऐसी कोई बात कही ही नहीं है। न उन्होंने राहुल गाँधी की तारीफ की है न ही उन्हें भारतीय राजनीति का नायक बताया है, न ही ये कहा है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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