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अग्निवीर पर लगी आग को सपा नेता ने फेक न्यूज से भड़काया, फैक्ट्री ब्लास्ट के पीड़ितों को आत्मदाह करने वाला बताया

छात्रों ने विरोध की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ की है, समाजवादी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उसकी ऐसी हरकत एक बार फिर पकड़ी गई हैं।

समाजवादी पार्टी अग्निपथ योजना को लेकर जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न अशांति और अराजकता की आग में घी डालने का काम कर रही है। इसी कड़ी में झूठ फैलाते हुए गुरुवार (16 जून, 2022) की रात, समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता रचना सिंह ने एक फैक्ट्री विस्फोट में घायल हुए पीड़ितों की तस्वीर को अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में आत्मदाह करने वाले छात्रों (अग्निवीर) के नाम पर जारी कर दिया।

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “मैं सेना में भर्ती होने के इच्छुक और तैयारी कर रहे उन छात्रों से अनुरोध कर रही हूँ कि वे आत्महत्या न करें। (मोदी) सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा और यह युवाओं की जीत होगी। उम्मीद मत खोना।”

उसने खून से लथपथ, जले हुए युवकों की तस्वीरें पोस्ट की थीं और यह जताने की कोशिश थी कि सेना के भर्ती अभियान से निराश होने के बाद इन छात्रों ने खुदकुशी का प्रयास किया है। बता दें कि इस विवादित ट्वीट को 249 बार शेयर किया गया और 787 यूजर्स ने इसे लाइक किया जिसके बाद झूठ पकड़े जाने पर सपा नेता ने इसे डिलीट कर दिया।

सत्य क्या है?

करीब से पड़ताल करने पर ऑपइंडिया ने पाया कि दूसरी तस्वीर पर टाइम स्टैंप ‘2022/6/4 14:44’ लिखा है यानी यह तस्वीर इस साल 4 जून को दोपहर 2:44 बजे ली गई थी।

यह देखते हुए कि भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी, यह स्पष्ट हो गया कि ये तस्वीरें इस विरोध प्रदर्शन की नहीं हो सकती हैं।

रचना सिंह द्वारा शेयर की तस्वीरों में से दूसरी तस्वीर

एक लोकप्रिय ट्विटर यूजर (@Befitting Facts) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के दौरान घायल हुए कर्मचारियों की ये तस्वीरें हैं। न कि आत्महत्या की।

7 जून, 2022 को @TheUpNews नाम के एक ट्विटर पोस्ट को देखें, “हापुड़ में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के बाद एक वीडियो सामने आया है.. घटना से परेशान करने वाली तस्वीरें देखें।”

वीडियो में वही युवक दिखाई दे रहे हैं जिन्हें पहले घायल और झुलसे दिखाया गया था। ऐसे में समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह द्वारा किया गया दावा न सिर्फ झूठ है बल्कि माहौल ख़राब करने की एक राजनीतिक चाल जैसी नजर आ रही है।

ऐसे समय में, जब छात्रों ने विरोध की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ की है, समाजवादी पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उसकी ऐसी हरकत एक बार फिर पकड़ी गई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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