Tuesday, March 2, 2021
Home फ़ैक्ट चेक राजनीति फ़ैक्ट चेक अम्बानी को UPA सरकार ने दी थी Z सिक्योरिटी, SC ने फटकारा था: यूथ...

अम्बानी को UPA सरकार ने दी थी Z सिक्योरिटी, SC ने फटकारा था: यूथ कॉन्ग्रेस के झूठ की खुली पोल

2013 में गृह मंत्रालय मुकेश अम्बानी को 'राष्ट्रीय सम्पदा' मानता था और इसीलिए उनकी उचित सुरक्षा की व्यवस्था करनी ज़रूरी थी। तब केंद्रीय मंत्री रहे मंत्री मनीष तिवारी ने कहा था कि अम्बानी को जेड श्रेणी सुरक्षा समीक्षा के बाद दी गई है।

यूथ कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से झूठ फैलाया है। कॉन्ग्रेस ने यह झूठ डॉक्टर मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा कवर हटाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए फैलाया। केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को मिली एसपीजी सुरक्षा कवर वापस लेने का निर्णय लिया है। हालाँकि, डॉक्टर सिंह को जेड प्लस सुरक्षा कवर मिलता रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पूर्व पीएम का एसपीजी कवर हटाने का कारण यही है कि वह कॉन्ग्रेस पार्टी से सम्बन्ध रखते हैं।

कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने याद दिलाया कि आज तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री हैं, वह भी कभी ‘पूर्व’ (पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व गृहमंत्री) कहलाएँगे। उन्होंने लिखा कि ‘कर्मा (कर्म)’ सब देख रहा है। यहाँ यह जानने लायक बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के तीनों सदस्यों सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को एसपीजी कवर सिक्योरिटी मिली हुई है।

गृह मंत्रालय का कहना सिक्योरिटी कवर हटाए जाने का निर्णय सम्बंधित एजेंसियाँ वार्षिक समीक्षा के बाद लेती है, जो कि एक निश्चित प्रक्रिया है। यह इस आधार पर तय किया जाता है कि उक्त व्यक्ति को कितना ख़तरा है। यूथ कॉन्ग्रेस ने इस निर्णय का विरोध करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अम्बानी का नाम भी इसमें घुसेड़ा। यूथ कॉंग्रेस ने लिखा कि मुकेश अम्बानी को जेड-कैटेगरी की सुरक्षा देने वाली मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का एसपीजी सुरक्षा हटा दी। देखें ट्वीट:

यहाँ आपको बताना ज़रूरी है कि सच्चाई कुछ और ही है। मुकेश अम्बानी को जेड सिक्योरिटी कवर मोदी ने नहीं दी थी। उन्हें जेड सिक्योरिटी अप्रैल 2013 में डॉक्टर मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने दी थी। उस समय महाराष्ट्र में भी कॉन्ग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे उस वक़्त केंद्र में गृहमंत्री थे। एक ख़बर के अनुसार, मुकेश अम्बानी को जेड सिक्योरिटी के लिए हर महीने 15 लाख रुपए का ख़र्च अनुमानित किया गया था। इसके अलावा कमांडोज के रहने की व्यवस्था भी उन्हें ही करनी थी।

तत्कालीन यूपीए सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय के लिए डाँट भी पिलाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि जब देश में आम लोगों पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, तब हाई प्रोफाइल लोगों को जेड श्रेणी सुरक्षा कवर क्यों दिया गया? उस समय एक पाँच वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की घटना हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकारते हुए कहा था कि अगर राजधानी में उचित सुरक्षा होती तो शायद इस दुःखद घटना को टाला जा सकता था।

अम्बानी का नाम लिए बिना जस्टिस जीएस सिंघवी की पीठ ने कहा था कि समाचार-पत्रों में गृह मंत्रालय द्वारा एक व्यक्ति को सीआईएसएफ की सुरक्षा देने वाली ख़बर पढ़ी है। सुप्रीम कोर्ट के जज ने पूछा था कि केंद्र ऐसे व्यक्ति को सुरक्षा क्यों दे रहा है? जज ने टिप्पणी करते हुए कहा था,

“जो बड़े उद्योगपति हैं, वह अपनी सुरक्षा के लिए प्राइवेट सुरक्षा बलों को हायर करने में सक्षम हैं। पहले पंजाब में उद्योगपतियों को सरकार द्वारा सुरक्षा दी जाती थी और अब मुंबई पहुँच गया है। वैसे हमलोग किसी भी एक्स, वाई, जेड व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं लेकिन हमारी चिंता आम आदमी की सुरक्षा को लेकर है। ये क्या बकवास है? यह जनता का रुपया है। आम आदमी की सुरक्षा का क्या? “

एनडीटीवी के सूत्रों के अनुसार, 2013 में गृह मंत्रालय मुकेश अम्बानी को ‘राष्ट्रीय सम्पदा’ मानता था और इसीलिए उनकी उचित सुरक्षा की व्यवस्था करनी ज़रूरी थी। तब केंद्रीय मंत्री रहे मंत्री मनीष तिवारी ने कहा था कि अम्बानी को जेड श्रेणी सुरक्षा समीक्षा के बाद दी गई है।

यह भी जानने लायक बात है कि जिस यूथ कॉन्ग्रेस ने मुकेश अम्बानी को जेड श्रेणी सुरक्षा कवर दिए जाने को लेकर झूठ फैलाया है और इसका विरोध किया है, मनीष तिवारी कभी इसी यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करते थे।

उस समय गृह मंत्रालय का मानना था कि प्राइवेट सुरक्षा दस्ते के साथ मुकेश अम्बानी सेफ नहीं रहेंगे, क्योंकि प्राइवेट गार्ड्स को अधिकतम 12 बोर राइफल प्रयोग करने का अधिकार है। उनके पास आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का अधिकार नहीं होता।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

45 लाख बिहारी अब होंगे ममता के साथ? तेजस्वी-अखिलेश का TMC को समर्थन, दीदी ने लालू को कहा पितातुल्य

तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल में रह रहे बिहारियों से ममता बनर्जी को जिताने की अपील की। बिहार में CPM और कॉन्ग्रेस राजद के साथ गठबंधन में हैं।

नेपाल के सेना प्रमुख ने ली ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन, पड़ोसी देश को भारत ने फिर भेजी 10 लाख की खेप

नेपाल के सेना प्रमुख पूर्ण चंद्र थापा ने 'मेड इन इंडिया' कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेकर भारत में बनी वैक्सीन की विश्वसनीयता को आगे बढ़ाया।

वरवरा राव को बेल की करें समीक्षा, जज शिंदे की भी हो जाँच: कम्युनिस्ट आतंक के मारे दलित-आदिवासियों की गुहार

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के दलितों और आदिवासियों ने पत्र लिखकर वरवरा राव को जमानत देने पर सवाल उठाए हैं।

फुरफुरा शरीफ के लिए ममता बनर्जी ने खोला खजाना, चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं ‘भाईजान’

पश्चिम बंगाल में आदर्श अचार संहित लागू होने से कुछ ही घंटों पहले ममता बनर्जी की सरकार ने फुरफुरा शरीफ के विकास के लिए करोड़ों रुपए आवंटित किए।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

बंगाल ‘लैंड जिहाद’: मटियाब्रुज में शेख मुमताज और उसके गुंडों का उत्पात, दलित परिवारों पर टूटा कहर

हिंदू परिवारों को पीटा गया। महिला, बुजुर्ग, बच्चे किसी के साथ कोई रहम नहीं। पीड़ित अस्पताल से भी लौट आए कि कहीं उनके घर पर कब्जा न हो जाए।

प्रचलित ख़बरें

गोधरा में जलाए गए हिंदू स्वरा भास्कर को याद नहीं, अंसारी की तस्वीर पोस्ट कर लिखा- कभी नहीं भूलना

स्वरा भास्कर ने अंसारी की तस्वीर शेयर करते हुए इस बात को छिपा लिया कि यह आक्रोश गोधरा में कार सेवकों को जिंदा जलाए जाने से भड़का था।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

आस मोहम्मद पर 50+ महिलाओं से रेप का आरोप, एक के पति ने तलवार से काट डाला: ‘आज तक’ ने ‘तांत्रिक’ बताया

गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित गाँव जलालपुर में एक फ़क़ीर की हत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है।

नमाज पढ़ाने वालों को ₹15000, अजान देने वालों को ₹10000 प्रतिमाह सैलरी: बिहार की 1057 मस्जिदों को तोहफा

बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत मस्जिदों के पेशइमामों (नमाज पढ़ाने वाला मौलवी) और मोअज्जिनों (अजान देने वालों) के लिए मानदेय का ऐलान।

‘मैंने ₹11000 खर्च किया… तुम इतना नहीं कर सकती’ – लड़की के मना करने पर अंग्रेजी पत्रकार ने किया रेप, FIR दर्ज

“मैंने होटल रूम के लिए 11000 रुपए चुकाए। इतनी दूर दिल्ली आया, 3 सालों में तुम्हारा सहयोग करता रहा, बिल भरता रहा, तुम मेरे लिए...”

‘अल्लाह से मिलूँगी’: आयशा ने हँसते हुए की आत्महत्या, वीडियो में कहा- ‘प्यार करती हूँ आरिफ से, परेशान थोड़े न करूँगी’

पिता का आरोप है कि पैसे देने के बावजूद लालची आरिफ बीवी को मायके छोड़ गया था। उन्होंने बताया कि आयशा ने ख़ुदकुशी की धमकी दी तो आरिफ ने 'मरना है तो जाकर मर जा' भी कहा था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,201FansLike
81,851FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe