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धार्मिक ट्रस्टों और सरायों को GST से छूट, केंद्र ने फर्जी खबरों पर दिया पर स्पष्टीकरण, आम आदमी पार्टी ने फैलाया था झूठ

"पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में अफवाहें फैलाने के लिए 'आप' के इस प्रवक्ता के खिलाफ पुलिस केस क्यों नहीं दर्ज कराते। राष्ट्र को तोड़ने वाले बयान देने वालों और झूठे लोगों को दंडित करने में किसी भी तरह की ढील के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।"

सोशल मीडिया और मीडिया में इस तरह का दावा किया जा रहा है कि 18 जुलाई, 2022 से धर्मार्थ ट्रस्टों पर जीएसटी लागू किया गया है। इसको लेकर भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट्स फर्जी हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ वर्ग यह संदेश फैला रहे हैं कि 18 जुलाई, 2022 से जीएसटी लागू किया गया है, यहाँ तक कि धार्मिक/धर्मार्थ ट्रस्टों द्वारा संचालित सरायों पर भी यह संदेश फैलाया जा रहा है, यह सच नहीं है।”

सिलसिलेवार कई ट्वीट कर सीबीआईसी ने बताया, जीएसटी परिषद (GST Meeting) की 47वीं बैठक की सिफारिश के मुताबिक 1,000 रुपए प्रतिदिन के किराए वाले होटल कमरों से GST छूट वापस ली गई है। अब उन पर 12% GST लगाया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक ट्रस्टों या सरायों से किसी भी प्रकार का जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) नहीं किया जा रहा है औऱ इसको लेकर आ रही सभी खबरें फेक हैं। यहाँ 1000 रुपए प्रतिदिन से कम किराया वाले कमरों दी जा रही छूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एवं कस्टम्स (CBIC) ने छूट अधिसूचना और क्रमांक संख्या भी शेयर की है। अधिसूचना संख्या 12/2017-सीटीआर दिनांक 28.06.2017 की संख्या 13 में छूट से संबंधित सभी डिटेल्स हैं।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एवं कस्टम्स ने 3 सराय गुरु गोबिंद सिंह NRI निवास, बाबा दीप सिंह निवास और माता भाग कौर निवास के बारे में स्पष्ट किया कि इनमें से किसी को भी नोटिस नहीं दिया गया। हो सकता है कि इन्होंने खुद ही GST भरना शुरू किया हो।

दरअसल, CBIC ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की सरायों पर GST नहीं लगाया गया है। ना ही इन सरायों में से किसी को भी कोई GST भरने के लिए नोटिस जारी किया गया है। हो सकता है कि उन्होंने खुद ही GST जमा करवा दिया हो जिसके लिए वे बाध्य नहीं थे। इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के आधार पर एसजीपी की सराय को दी गई छूट का लाभ उठा सकती हैं।

बता दें कि इसको लेकर आम आदमी पार्टी के नेता ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ‘Golden Temple’ के सरायों पर 12% GST लगाकर संगत का अपमान किया है। सांसद राघव चड्डा ने गुरुवार (4 अगस्त 2022) को कहा, “ये Tax Aurangzeb के ‘जजिया टैक्स’ की याद दिलाता है, जब तीर्थ यात्रा पर टैक्स वसूला जाता था। 3 करोड़ पंजाबियों की ओर से वितमंत्री निर्मला सीतारमण से टैक्स वापस लेने की माँग की है।”

इसको लेकर एक ट्विटर यूजर ने राघव चड्डा के खिलाफ मामला दर्ज करने की माँग की। उसने कहा, “पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में अफवाहें फैलाने के लिए ‘आप’ के इस प्रवक्ता के खिलाफ पुलिस केस क्यों नहीं दर्ज कराते। राष्ट्र को तोड़ने वाले बयान देने वालों और झूठे लोगों को दंडित करने में किसी भी तरह की ढील के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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